शारदीय नवरात्रि के इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का एक बेहद अद्भुत और मनमोहक नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री निवास परिसर में गुजराती समाज की ओर से एक भव्य रास गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी रौनक देखते ही बनती थी। इस गरिमामयी और सांस्कृतिक आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहां मुख्यमंत्री ने माता के दरबार में शीश नवाकर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
जब खुद को रोक नहीं पाए सीएम, पारंपरिक माहौल में किया गरबा
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त और अधिक उत्साह से भर गया जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पारंपरिक गरबा की धुनों पर कदम थिरकाए। मुख्यमंत्री को इस तरह उत्सव के रंग में रंगा हुआ देखकर वहां मौजूद हर शख्स का जोश दोगुना हो गया। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री व सांसद सरोज पांडे, प्रदेश सरकार के मंत्री गजेंद्र यादव, दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब और सांसद लक्ष्मी वर्मा समेत कई प्रमुख कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में मां दुर्गा की आराधना की और इस पावन पर्व का भरपूर आनंद उठाया।
शक्तिपीठों और भगवान श्रीराम के ननिहाल का किया खास जिक्र
उत्सव के इस खूबसूरत माहौल में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने गर्व के साथ कहा कि छत्तीसगढ़ को मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और महामाया जैसी पवित्र शक्तिपीठों के रूप में माता रानी का विशेष और असीम आशीर्वाद प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ को भगवान श्री राम का ननिहाल बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला, जिससे पूरा पंडाल जय श्रीराम और माता के जयकारों से गूंज उठा।
‘श्री रामलला दर्शन योजना’ का जिक्र और जनता में उत्साह
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस अनूठी पहल के माध्यम से प्रदेश के तमाम श्रद्धालुओं को पूरी तरह से सरकारी खर्चे पर अयोध्याधाम में श्री रामलला के भव्य दर्शन कराए जा रहे हैं, जिसे लेकर आम जनता में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। इस सांस्कृतिक और धार्मिक मेलजोल ने रायपुर के इस गरबा आयोजन को बेहद खास बना दिया, जहां एक तरफ गुजराती संस्कृति की झलक दिखी तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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