Bihar News: बिहार के गया रेलवे जंक्शन पर नियमित जांच के दौरान रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां एक यात्री के बैग से करीब 36 लाख रुपये कीमत के चांदी के जेवरात और टुकड़े बरामद किए गए हैं। बैग में रखी चांदी का कुल वजन लगभग 14.8 किलोग्राम बताया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस के ऑपरेशन सतर्क के तहत की गई। बताया गया कि प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर एक व्यक्ति पीठ पर बड़ा बैग लटकाए तेजी से बाहर की ओर जा रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर तलाशी ली। बैग खुलते ही उसके अंदर बड़ी मात्रा में चांदी देखकर जवान भी हैरान रह गए। पुलिस ने यात्री से चांदी के बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर रेल थाने ले जाया गया।
प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर क्यों हुआ शक?
गया रेल थाना प्रभारी बनारसी यादव के नेतृत्व में स्टेशन परिसर में संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही थी। ऑपरेशन सतर्क के तहत प्लेटफॉर्म, रेलवे यार्ड और स्टेशन के आसपास आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर एक यात्री बड़ा पिट्टू बैग लेकर तेजी से बाहर की तरफ जाता दिखाई दिया। उसकी जल्दबाजी और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। इसके बाद बैग की तलाशी ली गई तो उसमें चांदी के आभूषण और चांदी के टुकड़े मिले। पुलिस के मुताबिक, बरामद चांदी का वजन करीब 14.835 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 36 लाख रुपये के आसपास है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
चांदी के कागजात नहीं दिखा सका यात्री
पुलिस ने पकड़े गए व्यक्ति से बरामद चांदी के खरीद संबंधी बिल, जीएसटी रसीद और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे। हालांकि, वह मौके पर कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सका। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान जमशेद अली मलिक के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार, वह पश्चिम बंगाल के दासपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि वह चांदी को गया से पश्चिम बंगाल ले जा रहा था, जहां उसे बेचने की योजना थी। इसके बाद पुलिस ने चांदी को जब्त कर लिया और आरोपी को रेल थाने ले गई। फिलहाल जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या कारोबारी शामिल है या नहीं।
आयकर विभाग को दी गई सूचना, अब होगी आगे की जांच
रेल थाना प्रभारी बनारसी यादव के मुताबिक, मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी लिखित रूप में भेज दी गई है, ताकि चांदी से जुड़े लेन-देन और संभावित कर संबंधी गड़बड़ियों की जांच की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चांदी का वास्तविक मालिक कौन है और इसे ले जाने के लिए जरूरी दस्तावेज क्यों नहीं थे। हालांकि, केवल दस्तावेज नहीं मिलने से कर चोरी या तस्करी के आरोप अपने आप साबित नहीं होते। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल बरामद चांदी पुलिस के कब्जे में है और गिरफ्तार यात्री से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई ने रेलवे स्टेशन पर चल रही सुरक्षा जांच के दौरान बड़ी मात्रा में कीमती सामान की आवाजाही पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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