मेरठ के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले नीला ड्रम हत्याकांड में आज सजा का बड़ा ऐलान होने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी मुस्कान और साहिल पिछले करीब डेढ़ साल से जेल की सलाखों के पीछे हैं। अदालत के फैसले से ठीक पहले मुस्कान ने एक बेहद भावुक इच्छा जताई है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। डेढ़ साल से जेल में बंद मुस्कान अपनी मासूम बेटी से मिलने के लिए बेकरार है, लेकिन इस दर्दनाक घटना के बाद हालात कुछ ऐसे बन चुके हैं कि चाहकर भी मां और बेटी की यह मुलाकात आसान नजर नहीं आ रही है।
डेढ़ साल से तन्हा काट रही है जेल की जिंदगी, कोई अपना सुध लेने नहीं आया
जेल सूत्रों के मुताबिक, जब से मुस्कान इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार हुई है, तब से लेकर आज तक उससे मिलने के लिए उसका कोई भी परिवार का सदस्य या रिश्तेदार जेल नहीं पहुंचा है। उसने अकेलेपन और अपराधबोध के साए में जेल के भीतर डेढ़ साल का लंबा वक्त गुजार दिया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने एक खास बातचीत में खुलासा किया कि मुस्कान हर वक्त अपनी लगभग साढ़े छह साल की बड़ी बेटी को याद करती रहती है। वह कई बार जेल के अधिकारियों के सामने अपनी यह इच्छा जता चुकी है कि सजा का फैसला सुनने से पहले वह बस एक बार अपनी लाडली से गले मिलकर बात करना चाहती है।
अपनों से दूरी और बेटी का मिलने से साफ इनकार, कैसे निकलेगा रास्ता?
मुस्कान की इस भावनात्मक गुहार के बाद जेल प्रशासन ने नियमों के तहत उसकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन अड़चनें बहुत बड़ी हैं। जेल प्रशासन के पास न तो उस बच्ची का कोई सही पता है और न ही संपर्क करने के लिए कोई फोन नंबर मौजूद है। इसके अलावा, शुरुआती जानकारी यह भी सामने आई है कि वह मासूम बच्ची भी अब अपनी मां से मिलने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। इस भयानक कांड के बाद परिवार और समाज की तरफ से जो दूरियां बनी हैं, उन्होंने इस मां-बेटी के रिश्ते के बीच एक गहरी खाई पैदा कर दी है, जिसे पाटना फिलहाल बेहद मुश्किल लग रहा है।
जेल प्रशासन की नई पहल, क्या खत के जरिए पिघल पाएगा अपनों का दिल?
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने मुस्कान को एक अहम कानूनी और मानवीय सलाह दी है। उसे जेल मैनुअल के नियमों के तहत अपने परिवार के किसी सदस्य या परिजनों को एक औपचारिक पत्र लिखने का विकल्प दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि यदि मुस्कान खुद खत लिखकर अपने घर वालों से संपर्क करने की कोशिश करे, तो शायद बात आगे बढ़ सके और कोई रास्ता निकल आए। हालांकि, आज आने वाले सजा के फैसले से पहले यह देखना बेहद दिलचस्प और भावुक होगा कि क्या मुस्कान की यह आखिरी ख्वाहिश पूरी हो पाती है या फिर वह बिना बेटी से मिले ही अपनी सजा की ओर बढ़ती है।
