बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बभनगामा वार्ड-11 में एक 13 साल के बच्चे को अचानक एक जहरीले सांप ने डंस लिया। घटना उस वक्त हुई जब मासूम मुन्ना कुमार अपने घर के आंगन की तरफ जा रहा था। अचानक हुए इस हमले से परिवार में चीख-पुकार मच गई और हर तरफ डर का माहौल बन गया। अमूमन ऐसी घटनाओं में लोग घबरा जाते हैं और समझ नहीं पाते कि क्या करें, लेकिन इस परिवार के मुखिया ने जो किया, वह वाकई अकल्पनीय और साहस से भरा हुआ था।
पिता की बहादुरी: घबराने के बजाय दिखाई गजब की सूझबूझ
बच्चे को सांप के डंसने के बाद जहां पूरा परिवार बदहवास हो गया था, वहीं उसके पिता विजेंद्र कुमार यादव ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। उन्होंने देखा कि सांप पास के ही एक बिल में छिपने जा रहा है। बिना एक पल गंवाए विजेंद्र कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना उस जहरीले सांप को बिल से बाहर खींच निकाला। उन्होंने अत्यंत सावधानी बरतते हुए उस जिंदा सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में सुरक्षित बंद कर दिया। उनकी इस त्वरित सोच ने न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि एक पिता अपने बेटे की जान बचाने के लिए किसी भी खतरे से मोल ले सकता है।
अस्पताल का नजारा: डिब्बे में सांप देख डॉक्टर भी रह गए दंग
पिता विजेंद्र कुमार अपने बेटे मुन्ना को लेकर तुरंत त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। उनके एक हाथ में बीमार बेटा था और दूसरे हाथ में जिंदा सांप से भरा डिब्बा। जब उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों को डिब्बा खोलकर वह सांप दिखाया, तो ड्यूटी पर मौजूद डॉ. संजीव कुमार सुमन समेत सभी स्वास्थ्यकर्मी हैरान रह गए। डॉक्टर ने तुरंत सांप की प्रजाति पहचानी और पुष्टि की कि वह एक बेहद जहरीला ‘साखर’ सांप था। सांप के बारे में सटीक जानकारी मिलने से डॉक्टरों के लिए इलाज की दिशा तय करना बेहद आसान हो गया, जिससे समय पर सही एंटीवेनम और इलाज शुरू किया जा सका।
डॉक्टरों का प्रयास और सीख: समय पर इलाज से ब बची जान
अस्पताल में समय पर पहुंचने और सही उपचार मिलने के कारण कुछ ही घंटों में मुन्ना कुमार की हालत में तेजी से सुधार होने लगा। बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर होते ही परिजनों ने चैन की सांस ली। अस्पताल परिसर में हर कोई विजेंद्र कुमार की इस दिलेरी और सूझबूझ की तारीफ कर रहा था। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सांप को खुद पकड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए ऐसी आपात स्थिति में सांप को पकड़ने के जोखिम से बचना चाहिए और बिना किसी घरेलू नुस्खे के तुरंत पीड़ित को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
