UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पुराने साथियों और पार्टी से अलग हो चुके नेताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग दोबारा साथ आना चाहते हैं, उनके लिए पुरानी बातों को भूलने की गुंजाइश है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने साथ आने के लिए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को प्रमुख आधार बताया।
राज्यसभा चुनाव को बताया ‘मिलन का समय’
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि राज्यसभा चुनाव से पहले ऐसा समय आता है जब पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर साथ आने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो साथी रास्ता भटक गए हैं और फिर से साथ चलना चाहते हैं, उनके लिए सपा पुरानी गलतियां और कड़वी बातें भूलने को तैयार है। उनके बयान को पार्टी से दूरी बना चुके नेताओं और अन्य विपक्षी साथियों के लिए संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अखिलेश ने किसी एक नेता का नाम लेकर यह नहीं कहा कि उनका संकेत किसकी ओर है।
साथ आने के लिए अखिलेश ने क्या कहा?
सपा अध्यक्ष ने अपने बयान में लोकतंत्र और संविधान को लेकर एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन्हें लगता है कि इन मुद्दों की रक्षा के लिए साथ आना जरूरी है, उन्हें एक साथ आना चाहिए। साथ ही उन्होंने महंगाई और पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। इस तरह अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पुराने राजनीतिक मतभेदों से आगे बढ़कर साझा मुद्दों पर साथ आने की बात रखी।
2027 के लिए गठबंधन को लेकर भी दिया संकेत
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी गठबंधन की दिशा पर बात की। उन्होंने कहा कि जिस गठबंधन ने पहले बीजेपी को हराया था, उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस गठबंधन ने पहले सबसे ज्यादा सीटें हासिल की थीं और अब इसे आगे ले जाने की जरूरत है। इस बयान से साफ है कि सपा नेतृत्व आगामी चुनाव में विपक्षी दलों के बीच तालमेल को लेकर अपनी रणनीति पर जोर दे रहा है।
गोमती किनारे जलभराव को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने लखनऊ में गोमती नदी के किनारे रहने वाले लोगों की जलभराव की समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कई परिवारों के घरों तक पानी पहुंच रहा है और सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने स्मार्ट सिटी और गोमती की सफाई के लिए खर्च किए गए बजट का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के इन बयानों से यूपी की राजनीति में गठबंधन और पुराने साथियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
