Homeउत्तर प्रदेशमेरठसौरभ राजपूत केस में आज खुलेगा सबसे बड़ा राज, मुस्कान और साहिल...

सौरभ राजपूत केस में आज खुलेगा सबसे बड़ा राज, मुस्कान और साहिल पर कोर्ट का क्या होगा फैसला?

सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज मेरठ जिला अदालत का फैसला आएगा। मुस्कान और साहिल पर लगे आरोप, 22 गवाहों की गवाही और परिवार की फांसी की मांग से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।

-

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज यानी 30 सितंबर को अदालत का फैसला आने वाला है। करीब डेढ़ साल से चर्चा में रहे इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल पर हत्या का आरोप है। सौरभ की हत्या के बाद उनके शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में अदालत का निर्णय आने वाला है, इसलिए सौरभ के परिवार के साथ-साथ इस केस पर नजर रखने वाले लोगों की निगाहें भी मेरठ जिला अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं।

नीले ड्रम से शुरू हुई थी सनसनीखेज मामले की जांच

मामला मार्च 2025 में सामने आया था। आरोपों के मुताबिक, सौरभ की पत्नी मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। शव को एक नीले ड्रम में रखा गया था। बाद में पुलिस ने इसी ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया। मामले की जांच आगे बढ़ने पर हत्या में इस्तेमाल सामान और कथित तौर पर शव छिपाने की तैयारी से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की विवेचना पूरी की और केस अदालत तक पहुंचा। इस घटना ने मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में काफी चर्चा बटोरी थी।

अदालत में 22 गवाहों के बयान, कई सामानों की खरीद भी जांच का हिस्सा

इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। इनमें सौरभ के भाई बबलू, उनकी मां और सौरभ के दोस्त समेत उन दुकानदारों के बयान भी शामिल बताए गए, जहां से मामले से जुड़े सामान खरीदे जाने की बात सामने आई थी। ड्रम, चाकू, दवाइयां और सीमेंट जैसे सामानों की खरीद को भी जांच में महत्वपूर्ण माना गया। करीब 13 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में तारीखें पड़ीं और अलग-अलग पक्षों ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं। सौरभ के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय बहादुर ने अदालत में अधिकतम सजा की मांग की है। उनका कहना है कि इस मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के संबंधित फैसलों का भी हवाला दिया गया है।

2016 की शादी से लेकर मार्च 2025 की वारदात तक पहुंचा मामला

सौरभ और मुस्कान ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। परिवार के अनुसार, दोनों की एक बेटी भी है। फरवरी 2025 में सौरभ विदेश से वापस आए थे और परिवार के साथ समय बिताया था। इसके कुछ ही दिनों बाद मामला उस घटना तक पहुंचा, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया। आरोप है कि 3 मार्च को सौरभ की हत्या की गई और बाद में शव को ठिकाने लगाने की कोशिश हुई। इसके बाद मुस्कान और साहिल के शिमला-मनाली जाने की बात भी जांच के दौरान सामने आई। 17 मार्च को दोनों के वापस लौटने के बाद मामले की जानकारी परिवार तक पहुंची। अगले दिन सौरभ के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और किराए के मकान से शव बरामद किया।

फांसी की मांग के बीच आज अदालत के फैसले का इंतजार

अब इस पूरे मामले का सबसे अहम पड़ाव सामने है। सौरभ के परिवार की ओर से आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की गई है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत ही उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर करेगी। अदालत के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को किस तरह साबित करते हैं और बचाव पक्ष की दलीलों का उन पर क्या प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आज की सुनवाई में अदालत का फैसला यह स्पष्ट करेगा कि सौरभ राजपूत हत्याकांड में कानूनी रूप से आगे की स्थिति क्या होगी। मुस्कान और साहिल को दोषी माना जाता है या नहीं और यदि दोष सिद्ध होता है तो सजा क्या होगी, इसका जवाब अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा।

Read More-राम मंदिर की सुरक्षा में अचानक बढ़ी NSG की मौजूदगी, अयोध्या में क्या होने वाला है?

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts