देश में आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच बिहार की अलीनगर विधानसभा सीट से BJP विधायक मैथिली ठाकुर का बयान चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। मैथिली ने कहा कि आज आरक्षण को लेकर कई घरों में चर्चा हो रही है। उनके मुताबिक, देश के युवाओं और Gen-Z को इस मुद्दे पर एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के साथ उसके सरनेम या पहचान के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए।
‘सरनेम देखकर अलग व्यवहार नहीं चाहते युवा’
मैथिली ठाकुर ने कहा कि देश का युवा ऐसा समाज नहीं चाहता, जहां लोगों के साथ उनकी पहचान देखकर भेदभाव किया जाए। उन्होंने युवाओं से एक-दूसरे की बात सुनने और समझने की अपील की। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ियों को दोबारा भेदभाव की कहानी न सुननी पड़े, इसके लिए ऐसे नियम और व्यवस्थाएं जरूरी हैं, जिन पर देश का युवा भरोसा कर सके। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस विषय से जुड़े हर सवाल का फिलहाल कोई आसान या अंतिम जवाब उनके पास नहीं है।
जाति और पहचान से ऊपर उठने की अपील
BJP विधायक ने अपने संदेश में जाति, सरनेम और दूसरी पहचान के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की Gen-Z को मिलकर ऐसे नए भारत की कल्पना करनी चाहिए, जहां किसी व्यक्ति को उसकी जाति या सरनेम के आधार पर पीछे महसूस न कराया जाए। उनके इस बयान को आरक्षण पर चल रही मौजूदा बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने युवाओं के बीच एकता और समान व्यवहार पर जोर दिया है।
विकसित भारत 2047 का भी किया जिक्र
मैथिली ठाकुर ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है तो युवाओं को साथ लेकर चलना होगा। उनका जोर इस बात पर था कि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो और समाज के सभी लोगों की तरक्की सुनिश्चित की जाए। अब आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर BJP विधायक के इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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