राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रात के समय राहगीरों को रोककर कथित तौर पर लूट करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए महिलाओं का भेष बनाकर जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिप गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने लाडसौर के जंगलों में दबिश देकर पांचों को पकड़ लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो पावर बाइक भी जब्त की हैं।
रात 2:30 बजे राहगीरों को घेरकर की लूट
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की रात नालवाड़ा निवासी कृष्णा अपने दो साथियों मानशंकर और अभिषेक के साथ डूंगरपुर से सीमलवाड़ा की ओर जा रहे थे। रात करीब 2:30 बजे गोरादा घाटा के पास बिना नंबर की पावर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उनकी बाइक गिरा दी। तभी दूसरी बाइक पर सवार दो और युवक वहां पहुंच गए। इसके बाद पांचों ने राहगीरों के साथ मारपीट की और कथित तौर पर करीब 5 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
पुलिस से बचने के लिए बदला हुलिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए चौराासी थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई। जांच में तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। पुलिस को लाडसौर के पांच युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। निगरानी बढ़ाने पर पता चला कि आरोपी जंगल और पहाड़ियों में अलग-अलग जगहों पर छिपे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने महिलाओं का भेष धारण कर लिया था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने लाडसौर के जंगलों में दबिश दी और पांचों आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई ये वजह
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गोरादा घाटा में राहगीरों को रोककर लूट करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि उन्हें मौज-मस्ती और शराब के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने लूट की योजना बनाई। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल दो पावर बाइक बरामद की गई हैं। इनमें बिना नंबर की आरएस प्लसर और प्लसर 220 शामिल हैं। पुलिस अब लूटे गए मोबाइल फोन और नकदी की बरामदगी के साथ आरोपियों की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
48 घंटे में गिरफ्तारी, अब पुराने मामलों की तलाश
चौराासी पुलिस ने लाडसौर निवासी शैलेश, विजय, राहुल, डूंगर और ताराचंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों ने इससे पहले भी रात में राहगीरों को निशाना बनाकर ऐसी वारदातें की हैं। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, महज 48 घंटे में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी इस केस में बड़ी सफलता है। अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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