कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब संजय कुमार ने उस दिन हुई घटना को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है। उनका दावा है कि प्रदर्शन के दौरान जब ‘जय भीम’ के नारे लगाए जा रहे थे, तभी स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) अचानक उनके पास आया और उन पर हमला कर दिया। संजय के मुताबिक, हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और दो जगह से सिर फट गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्होंने संसद मार्ग थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। यह मामला करीब डेढ़ महीने बाद फिर सुर्खियों में आया है और अब केस में धाराएं बढ़ाने की मांग भी की जा रही है।
‘अचानक आया और कड़े से कर दिया हमला’
संजय कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में घटना के बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पहले से जानता था। संजय ने कहा कि प्रदर्शन में उनकी ओर से सरकार के सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की जा रही थी। इसी दौरान प्रदर्शन स्थल पर ‘जय भीम’ के नारे लगाए जा रहे थे। संजय का आरोप है कि नारे सुनने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) ने अचानक उन पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि हमले में भारद्वाज के हाथ में मौजूद कड़े का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके सिर पर चोट आई। संजय के मुताबिक, उन्हें दो जगह चोट लगी और सिर फट गया।
संजय ने किया स्वतंत्र के दावे का विरोध
इस मामले में संजय कुमार का बयान स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) के कथित दावे से अलग है। संजय का कहना है कि भारद्वाज उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानता था और उसे यह भी पता था कि वह डॉ. भीमराव आंबेडकर को मानने वाले हैं। वहीं, भारद्वाज की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया था कि वह निशु आजाद और उनके पिता को नहीं जानता था। इसी विरोधाभास को लेकर मामले में विवाद और बढ़ गया है। संजय ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
दिल्ली पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
संजय कुमार ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को तत्काल राहत पहुंचाई और मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर CJP नेताओं ने भी कार्रवाई की मांग की है। हाल ही में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी CJP नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। फिलहाल संजय कुमार के आरोपों और घटना से जुड़े अन्य दावों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। मामले में पुलिस की ओर से आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब सभी की नजर है।
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