Amit Shah: वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की ओर से पार्टी के कार्यक्रमों में गीत के शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के तहत वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि इसी फैसले ने आगे चलकर देश के विभाजन की जमीन तैयार करने में भूमिका निभाई।
अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि वह देश की जनता को 1937 की घटनाओं की याद दिलाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, उस समय कांग्रेस ने वंदे मातरम के कुछ हिस्सों को अलग करने का फैसला लिया था। शाह ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि इसी तरह के फैसलों से दो राष्ट्र के विचार को मजबूती मिली और बाद में देश का विभाजन हुआ। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा फैसले को भी इसी राजनीति का हिस्सा बताया। शाह ने कहा कि देश में तुष्टिकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आजादी के 80 साल बाद कांग्रेस की उस पुरानी गलती को सुधारने की कोशिश की है।
सरकारी कार्यक्रमों में पूरा गीत गाने के फैसले पर विवाद
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को पूरा गाने का फैसला लेकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। उनके मुताबिक, सरकार के आधिकारिक कार्यक्रमों में पूरे गीत को लेकर फैसला लागू किया गया है। वहीं कांग्रेस ने इस फैसले पर अलग रुख अपनाया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को तय किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंद गाए जाएंगे। कांग्रेस के इस फैसले के बाद बीजेपी ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए निशाना साधना शुरू कर दिया है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का फैसला वंदे मातरम के साथ-साथ उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान है, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में इस गीत का नारा लगाया था।
वंदे मातरम पर पहले भी हो चुका है सियासी विवाद
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर इस गीत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सीमित हिस्से के इस्तेमाल के फैसले ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। बीजेपी इसे कांग्रेस की पुरानी नीतियों और तुष्टिकरण से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस के फैसले के पीछे अपने राजनीतिक और संगठनात्मक तर्क हैं। फिलहाल वंदे मातरम को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक और गर्माने की संभावना है।
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