Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत में दो दोस्तों की गुमशुदगी का मामला जांच के दौरान बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक, सिंगोली तगा निवासी 27 वर्षीय अंकित और उसके दोस्त 34 वर्षीय इसरार के शव लहचौड़ा गांव के एक मंदिर परिसर से बरामद किए गए हैं। दोनों 24 जुलाई को बाइक से खेकड़ा जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। जांच में मंदिर के पुजारी नरेश नाथ समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे पुजारी और अन्य लोगों की तलाश जारी है।
24 जुलाई को घर से निकले थे दोनों दोस्त
अंकित की बहन भावना ने दोनों के लापता होने के बाद चांदीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुमशुदगी की जांच शुरू की तो मामला धीरे-धीरे मंदिर तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान लहचौड़ा स्थित श्री गणेश भगवान मंदिर के पुजारी नरेश नाथ का नाम सामने आया। बताया गया है कि नरेश नाथ पहले सिंगोली तगा के शिव मंदिर में रहता था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वह लहचौड़ा के मंदिर में रहने लगा था। पुलिस अब दोनों दोस्तों के मंदिर पहुंचने और वहां हुई घटनाओं की कड़ियां जोड़ रही है।
जहरीली चाय पिलाने का आरोप, मंदिर में दफन किए शव
पुलिस की जांच के अनुसार, अंकित को पुजारी से जुड़ी एक बात पर आपत्ति थी और इसी सिलसिले में वह अपने दोस्त इसरार के साथ मंदिर पहुंचा था। आरोप है कि 25 जुलाई को दोनों को मंदिर में चाय दी गई, जिसमें कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। इसके बाद दोनों की मौत हो गई। आरोप यह भी है कि शवों को मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया और ऊपर से टाइल्स लगा दी गईं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कौन-कौन शामिल था और हत्या के पीछे असली वजह क्या थी।
पूछताछ में खुला राज, खुदाई के बाद मिले दोनों शव
पुलिस ने जांच के दौरान पूरनपुर नवादा निवासी उज्ज्वल पांचाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में मंदिर परिसर में शव दबाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर खुदाई कर दोनों शव बरामद किए गए। मामले में जालौन निवासी कृष्णा यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पुजारी नरेश नाथ के शिष्य बताए जा रहे हैं। वहीं, नरेश नाथ, उसके बेटे सौरभ समेत अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
मामले में मृतकों के परिवार ने पुलिस की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने और सर्विलांस जांच के बाद पुलिस को मामले की जानकारी हो गई थी, लेकिन कांवड़ मेले के दौरान माहौल खराब होने की आशंका के चलते कार्रवाई में देरी की गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संदिग्धों को पहले हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी और बाद में छोड़ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस हत्या की वजह, कथित जहर और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
