समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान के बीच पार्टी महासचिव शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) बुधवार को रामपुर पहुंच रहे हैं। उनके इस एक दिवसीय दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) यहां जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह आजम खान के घर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा से भी मिलेंगे। शिवपाल के दौरे को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को शांत करने की कोशिश यानी डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है।
जेल में आजम खान और अब्दुल्ला से मिलेंगे शिवपाल
शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के रामपुर दौरे में कई अहम मुलाकातें शामिल हैं। सबसे पहले वह रामपुर जिला कारागार में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात करेंगे। इसके बाद आजम खान के आवास पर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा से भी बातचीत करेंगे। शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा भी करेंगे और वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से मुलाकात करेंगे। सपा के अंदर चल रही मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनके इस दौरे पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर बनी हुई है।
डिंपल यादव से क्यों नाराज बताया जा रहा आजम गुट?
दरअसल, रामपुर में आजम खान के समर्थकों की नाराजगी सपा सांसद डिंपल यादव से जुड़ी बताई जा रही है। मामला कुछ नेताओं को अपना दल (एस) से समाजवादी पार्टी में शामिल कराने से जुड़ा है। इनमें अपना दल (एस) के प्रदेश महासचिव रहे मोहम्मद वकील एडवोकेट का नाम भी शामिल है। उन्हें आजम खान का राजनीतिक विरोधी माना जाता है। आजम समर्थकों का आरोप है कि रामपुर में ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल करने से स्थानीय स्तर पर पहले से मौजूद खींचतान और बढ़ सकती है। इस मामले की शिकायत सपा नेतृत्व तक पहुंचने की भी बात कही जा रही है।
शिवपाल के दौरे से क्या सुलझेगी सपा की अंदरूनी खींचतान?
आजम खान और रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद की चर्चा होती रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट दिए जाने को लेकर भी आजम खान की नाराजगी सामने आई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब पार्टी के भीतर डिंपल यादव को लेकर नाराजगी की खबरों ने सपा नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) का आजम खान से मिलना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि शिवपाल बातचीत के जरिए नाराजगी कम करने और रामपुर में पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को संभालने की कोशिश कर सकते हैं।
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