बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान मतदान के बीच अचानक राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। किदवईपुरी इलाके के मतदान केंद्र संख्या 101 और 103 के पास जन सुराज और बीजेपी समर्थकों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के आसपास तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने कहा कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी रही।
जन सुराज ने लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी समर्थकों पर दबाव बनाने का दावा
घटना के बाद जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के बाहर उनके समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा था। पार्टी का कहना है कि कुछ लोगों ने बूथ के आसपास माहौल खराब करने की कोशिश की, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। दूसरी ओर प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
प्रशांत किशोर ने हिरासत में लिए गए नेताओं को लेकर उठाए सवाल
जन सुराज के संस्थापक और पार्टी उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले उनकी पार्टी के 16 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनका कहना है कि इन लोगों के खिलाफ कोई स्पष्ट मामला दर्ज नहीं किया गया और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि कई घंटे तक उनके सहयोगियों की सही जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने कानून का उल्लंघन किया है तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना स्पष्ट कारण हिरासत में रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया।
प्रशासन की निगरानी में जारी रहा मतदान
पूरे घटनाक्रम के बावजूद चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में मतदान जारी रहा। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराया और मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत की जांच नियमानुसार की जाएगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे बांकीपुर उपचुनाव की सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
