Education Minister Resignation News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम पर अब कई सार्वजनिक हस्तियां भी अपनी राय रख रही हैं। इसी बीच अभिनेत्री श्वेता तिवारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने अपने पोस्ट में पंजाब के शिक्षा मंत्री का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर वहां इस्तीफे की मांग कब तक पहुंचेगी। उनकी यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों के बीच नई बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके सवाल का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक टिप्पणी बताते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
इंस्टाग्राम स्टोरी से शुरू हुई नई चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसी दौरान श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक सोशल मीडिया क्रिएटर यह कहते नजर आ रहे थे कि यदि जनता और छात्र एकजुट रहें तो बड़े से बड़े नेताओं से भी जवाबदेही तय कराई जा सकती है। इसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने सवाल किया कि अब पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कब उठेगी और वहां विरोध प्रदर्शन कब होगा। उनकी इस टिप्पणी के बाद पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर बहस छिड़ गई।
पंजाब की परीक्षाओं को लेकर भी उठ रहे हैं सवाल
हाल के दिनों में पंजाब में आयोजित कुछ भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों को लेकर भी विपक्ष और कुछ संगठनों ने सरकार को घेरा है। इन्हीं घटनाओं के बीच पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से इस्तीफे की मांग भी उठी है। हालांकि, उन्होंने पहले ही कहा है कि यदि उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होता है, तो वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। फिलहाल इन मामलों को लेकर जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। ऐसे में श्वेता तिवारी की पोस्ट ने एक बार फिर इन मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय, राजनीतिक बहस हुई तेज
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलनों, शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। इसी माहौल में श्वेता तिवारी की पोस्ट ने बहस को नया मोड़ दे दिया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में परीक्षा से जुड़े गंभीर आरोप सामने आते हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि किसी भी मंत्री के इस्तीफे का फैसला तथ्यों, जांच और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। फिलहाल श्वेता तिवारी की पोस्ट और उस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
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