Dharmendra Pradhan Resignation News: नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के लंबे कार्यकाल में यह पहला मौका है जब किसी केंद्रीय मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इससे पहले सीएए (CAA) विरोध प्रदर्शन हो या फिर ऐतिहासिक किसान आंदोलन, भारी राजनीतिक दबाव और राष्ट्रव्यापी हंगामे के बावजूद सरकार ने अपने किसी भी मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया था। लेकिन इस बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह त्यागपत्र राजनीतिक गलियारों में एक बहुत बड़ा भूचाल लेकर आया है। जानकारों का मानना है कि पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे उग्र छात्र आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक तनाव ने आखिरकार सरकार को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
जंतर-मंतर का उग्र प्रदर्शन और सीजेपी का नेतृत्व
इस राजनीतिक उठापटक के केंद्र में पिछले एक महीने से चल रहा वह युवा आक्रोश रहा, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों का समर्थन प्राप्त था। जंतर-मंतर पर लगातार जारी धरने, ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई झड़प और पुलिस लाठीचार्ज के बाद से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका था। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आखिरकार, छात्रों की इस लंबी जिद और बढ़ते दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा, जिसे युवा अपनी एक ऐतिहासिक नैतिक जीत के रूप में देख रहे हैं।
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