दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आंदोलन के बीच इंसानियत की नई मिसाल पेश कर दी। नागालैंड में रहने वाले एक युवक ने, जो खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सका, वहां मौजूद छात्रों के लिए ऑनलाइन खाना भेजने का फैसला किया। उसने डोमिनोज के जरिए 150 चीज बर्स्ट पिज्जा ऑर्डर किए, जिनकी कुल कीमत करीब 67 हजार रुपये से अधिक रही। सोशल मीडिया पर ऑर्डर की रसीद सामने आने के बाद यह पहल तेजी से वायरल हो गई। लोगों ने इस कदम को दूर रहकर भी आंदोलन में सहयोग करने का अनोखा तरीका बताया।
अगले दिन फिर भेजी बिस्कुट और पानी की खेप
जानकारी के अनुसार, युवक ने 22 जुलाई को छात्रों के लिए विशेष पिज्जा का ऑर्डर दिया था। इसमें अलग-अलग फ्लेवर के चीज बर्स्ट पिज्जा शामिल थे। टैक्स और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद बिल करीब 67,734 रुपये बना। इसके बाद 24 जुलाई की सुबह भी उसने अपने दोस्तों की मदद से Blinkit के जरिए 1000 से ज्यादा बिस्कुट के पैकेट और पानी की कई बोतलें जंतर-मंतर भेजीं। इस दूसरी मदद पर करीब 5 हजार रुपये खर्च किए गए। दोनों ऑर्डर मिलाकर खर्च की गई राशि करीब 73 हजार रुपये तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर इन बिलों के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने युवक की सराहना की और इसे जरूरतमंद छात्रों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।
‘जो भूखा हो, उसे दे दीजिए’—एक बात ने जीत लिया लोगों का दिल
युवक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह नागालैंड में बैठा है, लेकिन उसका मन दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ है। उसने कहा कि जब वह खुद वहां नहीं पहुंच सकता, तो कम से कम भोजन भेजकर अपना सहयोग जरूर दे सकता है। बताया गया कि जब डिलीवरी पार्टनर जंतर-मंतर पहुंचा और पूछा कि खाना किसे देना है, तो युवक ने जवाब दिया कि जिसे अभी तक खाना नहीं मिला हो, उसे दे दिया जाए। यह जवाब सुनकर डिलीवरी एजेंट भी भावुक हो गया। युवक ने देशभर के लोगों से भी अपील की कि यदि संभव हो तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के माध्यम से प्रदर्शन कर रहे छात्रों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाकर उनकी मदद करें। सोशल मीडिया पर इस अपील को भी काफी समर्थन मिल रहा है।
प्रदर्शन जारी, उधर सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इधर, आंदोलन से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को गुरुवार देर रात समाप्त कर दिया। सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने अपना उपवास तोड़ा। बताया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई नया कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाएगा और संसद में पेपर लीक व परीक्षा सुधारों पर चर्चा कराने का भरोसा भी दिया गया है। हालांकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इस पूरे मुद्दे पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की बातचीत पर सभी की नजर बनी रहेगी।
