Sonam Wangchuk News: करीब 26 दिनों तक चले अनशन के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने अपना उपवास समाप्त कर दिया है। उनके इस फैसले ने पूरे देश में नई चर्चा शुरू कर दी है। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने कहा कि यह निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि कई दौर की बातचीत और कुछ अहम शर्तों पर सहमति बनने के बाद लिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला किया। वांगचुक ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वह एक वीडियो जारी करेंगे, जिसमें बातचीत के दौरान तय हुई सभी शर्तों और आगे की रणनीति की पूरी जानकारी देंगे। उनके इस बयान के बाद लोगों की नजर अब उस वीडियो पर टिकी हुई है, जिसमें कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हिंसा रोकने की अपील, समर्थकों से संयम बरतने को कहा
अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और अपने समर्थकों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश में किसी भी तरह के तनाव या हिंसा की संभावना को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने सभी लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की। सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। लगातार बढ़ते समर्थन और बातचीत की पहल के बाद उन्होंने आंदोलन के इस चरण को समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी मांगों पर बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है और आगे भी संवाद जारी रहेगा।
सरकार ने दिया भरोसा, प्रदर्शनकारियों को मिल सकती है राहत
बैठक के दौरान केंद्र सरकार की ओर से भी कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए गए। जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) और उनके साथ मौजूद प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाने के लिए तैयार है। माना जा रहा है कि इसी भरोसे के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी। सूत्रों के अनुसार भविष्य की बैठकों के लिए एक तटस्थ स्थान पर चर्चा करने की सहमति भी बनी है, ताकि सभी पक्ष खुलकर अपनी बात रख सकें। इस कदम को गतिरोध खत्म करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
आंदोलन खत्म नहीं, अब बातचीत से निकलेगा समाधान
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन समाप्त करने के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। आंदोलन से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों का कहना है कि उपवास खत्म होने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की बातचीत एक तटस्थ स्थान पर होगी, ताकि सभी पक्ष बिना किसी दबाव के चर्चा कर सकें। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। साथ ही लोगों को उस वीडियो का भी इंतजार है, जिसमें सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) विस्तार से बताएंगे कि किन शर्तों पर सहमति बनी और आगे आंदोलन किस दिशा में बढ़ेगा। ऐसे में आने वाले दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
