महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कलंब क्षेत्र में दो नर्सों की तबीयत एक संदिग्ध कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद अचानक बिगड़ गई। दोनों को फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। खास बात यह है कि यही कोल्ड ड्रिंक गजानन महाराज की पालकी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में वितरित की जानी थी। घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यदि समय रहते यह मामला सामने नहीं आता, तो बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते थे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोल्ड ड्रिंक के पूरे स्टॉक को जांच के लिए जब्त कर लिया है।
नर्सों की तबीयत बिगड़ी तो खुला पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पूजा जाधव और पल्लवी सौदागर नाम की दो नर्सों ने यह कोल्ड ड्रिंक पी थी। इसके कुछ समय बाद ही दोनों की तबीयत खराब होने लगी। उल्टी, घबराहट और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। एक नर्स का इलाज आईसीयू में चल रहा है, जबकि दूसरी को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कोल्ड ड्रिंक में कौन सा पदार्थ मिला था। स्वास्थ्य विभाग ने नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
एफडीए और पुलिस की संयुक्त जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम मौके पर पहुंची और पालकी यात्रा में बांटी जाने वाली सभी कोल्ड ड्रिंक्स को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कोल्ड ड्रिंक कहां से लाई गई थी, उसका वितरण किसके द्वारा किया जाना था और सप्लाई चेन में कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि यह केवल लापरवाही का मामला है या इसके पीछे किसी तरह की साजिश हो सकती है। फिलहाल मौके पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है।
हाल के दिनों में सामने आए ऐसे कई मामले
धाराशिव की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट या संदिग्ध सामग्री मिलने के मामले चर्चा में हैं। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक सीलबंद पानी की बोतल में कथित रूप से खतरनाक रासायनिक पदार्थ मिलने का मामला सामने आया था, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। वहीं मुंबई में भी एक धार्मिक आयोजन के दौरान जहरीले कैप्सूल बांटने की कथित साजिश का खुलासा हुआ था। इन घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। धाराशिव मामले में भी लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे यह साफ होगा कि आखिर कोल्ड ड्रिंक में क्या था और यह घटना किस वजह से हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
