सोमवार की खुशनुमा सुबह अचानक एक ऐसे खौफनाक मंजर में तब्दील हो जाएगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। फिलीपींस में सुबह-सुबह जब लोग अपने दैनिक कामों में जुटे थे, तभी अचानक धरती इस कदर कांपी कि मानो सब कुछ खत्म होने वाला हो। रिक्टर स्केल पर 7.8 की विनाशकारी तीव्रता वाले इस भूकंप ने देखते ही देखते हंसते-खेलते शहरों को मलबे के ढेर में बदल दिया। सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह रही कि महज एक घंटे के भीतर धरती एक के बाद एक तीन बार जोरदार झटकों से दहल उठी। इन लगातार आए झटकों ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया और चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ चीख-पुकार का माहौल पैदा हो गया।
मॉल से लेकर क्लासरूम तक: रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो आए सामने
इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद सोशल मीडिया पर तबाही के जो वीडियो सामने आ रहे हैं, वे किसी भी कमजोर दिल वाले को झकझोर कर रख देने के लिए काफी हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो रही हैं। स्कूलों में पढ़ते बच्चे जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपने की कोशिश कर रहे हैं, तो वहीं शॉपिंग मॉल और दफ्तरों में भगदड़ मची हुई है। छत से गिरते मलबे, हिलते हुए पंखे और दीवारों में आती चौड़ी दरारें साफ बयां कर रही हैं कि उस वक्त लोगों ने किस कदर मौत को अपने बेहद करीब महसूस किया होगा। घरों के भीतर रखा सामान तिनकों की तरह बिखर गया और कई इलाकों में बिजली गुल होने से दहशत और ज्यादा बढ़ गई।
वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी: अभी टला नहीं है खतरा, मंडरा रहा है ये बड़ा साया
इस भीषण त्रासदी के बाद फिलीपींस के भूकंप एवं ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान (Phivolcs) ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए देश के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि 7.8 तीव्रता का यह मुख्य झटका अपने पीछे एक बड़ा खतरा छोड़ गया है। अगले कुछ घंटों या दिनों तक लगातार ‘आफ्टरशॉक्स’ (भूकंप के बाद के हल्के और मध्यम झटके) आने की पूरी आशंका है, जो पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों को पूरी तरह गिरा सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, बहुमंजिला इमारतों से दूर रहें और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
ग्राउंड जीरो पर रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे में जिंदगी की तलाश और नुकसान का आकलन
भूकंप के तुरंत बाद ही प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार के बीच राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत टीमों को युद्ध स्तर पर ग्राउंड जीरो के लिए रवाना किया गया है। फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, अलग-अलग टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, जैसे सड़कों, पुलों और बिजली की लाइनों को हुए नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटी हैं। पूरा देश इस समय सहमा हुआ है और हर कोई मलबे में दबी जिंदगी की सलामती की दुआ कर रहा है।
