Homeदेशपत्रकार के सवाल पर गुस्साए CO साहब, कुर्सी उठाकर मारने दौड़े, शिविर...

पत्रकार के सवाल पर गुस्साए CO साहब, कुर्सी उठाकर मारने दौड़े, शिविर में मचा हंगामा 

बिहार के बगहा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान एक पत्रकार के सवाल पूछने पर सीओ और पत्रकार के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। जानिए पूरा मामला।

-

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में आयोजित एक सरकारी सहयोग शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार और अंचल अधिकारी (CO) के बीच तीखी बहस हो गई। जानकारी के अनुसार, शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचे थे। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान एक स्थानीय पत्रकार ने क्षेत्र से जुड़े कुछ मुद्दों और जनसमस्याओं को लेकर अंचल अधिकारी से सवाल पूछे। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सवाल-जवाब का दौर बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग पूरे घटनाक्रम को देखने लगे।

वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप

घटना के बाद पत्रकार अजय सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि उनके सवालों से नाराज होकर अंचल अधिकारी ने न केवल नाराजगी जताई बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। पत्रकार का दावा है कि बहस के दौरान अधिकारी इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने कुर्सी उठाकर उनकी ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग सरकारी अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग पूरे मामले की सच्चाई जानना चाहते हैं।

एसडीएम के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

विवाद की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। बताया जा रहा है कि बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों से बातचीत की गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया ताकि शिविर का माहौल सामान्य बना रहे। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का एक और वीडियो भी सामने आया, जिसमें माहौल पहले की तुलना में शांत दिखाई दे रहा है। हालांकि पत्रकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जो कुछ भी हुआ, उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। दूसरी ओर, घटना को लेकर अंचल अधिकारी की ओर से अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

वायरल वीडियो के बाद उठे कई सवाल

सोशल मीडिया के दौर में किसी भी घटना का वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंच जाता है और यही इस मामले में भी देखने को मिला। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आचरण, पत्रकारों की भूमिका और सरकारी कार्यक्रमों में संवाद की मर्यादा को लेकर बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना होता है, इसलिए ऐसे आयोजनों में संयम और संवाद बेहद जरूरी है। वहीं कई लोगों का मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में क्या हुआ था। फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे। लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली और सार्वजनिक जवाबदेही को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।

Read More-पाताल तक पीछा करेगी सरकार! गोरखपुर में अपराधियों पर गरजे सीएम योगी, जानें क्या कहा

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts