गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या हत्याकांड की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन द्वारा आरोपियों की संपत्ति और निवास से जुड़ी जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट में पाया गया कि मुख्य आरोपी असद जिस गली में रहता था, वह गली ही नगर पालिका के आधिकारिक रिकॉर्ड से गायब है। यह खुलासा तब हुआ जब अधिकारियों ने 2018 के पुराने सर्वे रिकॉर्ड से वर्तमान स्थिति का मिलान किया। जांच टीम के अनुसार, जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां कई मकान मौजूद हैं, लेकिन रिकॉर्ड में केवल एक मकान दर्ज मिला, जबकि बाकी मकानों और पूरी गली का कोई उल्लेख नहीं है। इस अनियमितता ने प्रशासनिक रिकॉर्ड प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
किराये और संपत्ति को लेकर बढ़ी उलझन
जांच के दौरान सबसे बड़ी उलझन आरोपी असद के आवास को लेकर सामने आई है। स्थानीय लोगों से पूछताछ में अलग-अलग बातें सामने आईं। कुछ लोगों ने बताया कि असद पिछले लगभग छह महीनों से किराये के मकान में रह रहा था, जबकि कुछ ने दावा किया कि उसने हाल ही में यह मकान खरीदा था। प्रशासनिक टीम को मौके पर कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिल सके, क्योंकि आरोपी का घर फिलहाल बंद पड़ा है। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, यदि यह गली रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है तो यह एक गंभीर प्रशासनिक चूक हो सकती है। टीम ने यह भी संकेत दिया है कि आसपास की अन्य गलियों की भी जांच की जाएगी, क्योंकि हो सकता है कि वहां भी कई संपत्तियां कर रिकॉर्ड से बाहर हों। इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में संपत्ति रिकॉर्ड की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हत्याकांड और पुलिस कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
सूर्या हत्याकांड 28 मई को गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में बकरीद के दिन हुआ था, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया था। 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप को आरोपी असद ने कथित रूप से बकरीद पर कुर्बानी दिखाने के बहाने बुलाया और फिर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब और दो अन्य सहयोगियों फरहान और आतिफ को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि घटना के पीछे आपसी विवाद और साजिश शामिल थी, जिसमें चाकू की व्यवस्था और बुलाने की योजना पहले से बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था।
मुठभेड़ में आरोपी की मौत और आगे की जांच
शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी असद खोड़ा क्षेत्र में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने वसुंधरा-खोड़ा मार्ग पर बैरिकेडिंग कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक सवार असद ने रुकने के बजाय फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की और वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद यह भी सामने आया कि उसकी मां, भाई और भाभी घर छोड़कर जा चुके हैं। प्रशासन अब केवल हत्या की जांच ही नहीं बल्कि आरोपी की संपत्ति, निवास और नगर पालिका रिकॉर्ड में पाई गई अनियमितताओं की भी गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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