पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नई हलचल पैदा हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत की जानकारी सार्वजनिक की। टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राहुल गांधी ने फोन कर उनका हालचाल जाना और उनकी सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की। ममता बनर्जी ने बताया कि राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि इलाज या किसी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत पड़े तो वे हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। ममता के अनुसार, राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि आवश्यकता होने पर अभिषेक बनर्जी के बेहतर उपचार की व्यवस्था दूसरे शहरों में भी कराई जा सकती है। इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सोनारपुर की घटना के बाद बढ़ी सियासी हलचल
अभिषेक बनर्जी हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां वे चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और विरोध की घटना सामने आई। घटना के बाद टीएमसी ने इसे सुनियोजित हमला बताया, जबकि विपक्षी दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। इस मामले ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है और विभिन्न राजनीतिक दल लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। टीएमसी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई तेज, कई आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों की मदद से पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजनीतिक दल इस मामले को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे किसी तरह की पूर्व योजना थी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
मेडिकल रिपोर्ट में सामने आई राहत भरी जानकारी
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची है। जांच में केवल हल्की चोट के निशान पाए गए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बताई गई। चिकित्सकों ने बताया कि जांच के दौरान वह पूरी तरह सतर्क और सामान्य अवस्था में थे। एहतियात के तौर पर उन्हें आवश्यक दवाएं और तरल पदार्थ दिए गए, लेकिन अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली। हालांकि राजनीतिक विवाद अभी भी जारी है और इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति में बहस लगातार तेज होती जा रही है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
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