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‘उन्हें तुरंत गद्दी से हटाओ…’ प्रयागराज महाकुंभ के बाद भड़के शंकराचार्य, इस बड़े मुख्यमंत्री को बताया पूरी तरह ‘फेल’!

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प्रयागराज महाकुंभ के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बने रहने वाले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर सियासत के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हाल ही में फतेहपुर पहुंचे शंकराचार्य ने गौ-संरक्षण के मुद्दे पर सीधे तौर पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह देश के हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर जनता को जागरूक कर रहे हैं। उनका लक्ष्य लोगों को प्रेरित करना है कि जो सरकार गाय को सिर्फ एक ‘पशु’ समझती है, उसे सत्ता से बेदखल कर दिया जाए। शंकराचार्य ने मांग की है कि देश में केवल उसी सरकार को सत्ता में रहने का हक है जो गाय को सच में ‘माता’ का दर्जा दे और उनकी सुरक्षा के लिए जमीन पर काम करे।

कागजों और भाषणों तक सीमित है गौ-भक्ति

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज गायों की सुरक्षा और भक्ति की बातें तो बहुत की जा रही हैं, लेकिन यह सब केवल राजनीतिक मंचों और भाषणों तक ही सीमित है। धरातल पर वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत और चिंताजनक है। सरकारी आश्रय स्थलों में गायों की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है और गौ-तस्करों पर आज तक पूरी तरह से लगाम नहीं कसी जा सकी है। उन्होंने कहा कि गौ-रक्षा के नाम पर केवल कागजी औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। इतना ही नहीं, जो लोग इस जमीनी हकीकत को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं या गायों की दुर्दशा पर सच बोल रहे हैं, उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम योगी के दावों को बताया ‘फेल’ और जनसंख्या पर रखी राय

बांदा में दिए अपने एक और बयान में शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ खुद गोरक्षपीठ से जुड़े हुए हैं, इसलिए देश और प्रदेश की जनता को उनसे गौ-रक्षा को लेकर सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। लेकिन, वे इस मोर्चे पर पूरी तरह से असफल साबित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस मामले में ‘फेल’ बताते हुए कहा कि वे केवल बुलडोजर के दम पर और लोगों को डरा-धमकाकर शासन चला रहे हैं। इसके साथ ही, देश की बढ़ती जनसंख्या के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने नेताओं की काबिलियत पर सवाल उठाए। शंकराचार्य ने कहा कि नेता जनता के लिए रोजगार और काम ढूंढने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें जनसंख्या एक बोझ लग रही है। उनके अनुसार, जनसंख्या तो भगवान की देन है और यह जितनी बढ़े, उतना ही अच्छा है।

बीजेपी को दिया सीधा विकल्प और यात्रा रोकने की शर्त

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने एक सीधा प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बीजेपी सरकार आज ही गाय को ‘राजमाता’ का आधिकारिक दर्जा दे देती है, तो वे अपनी इस जागरूकता यात्रा को तुरंत रोक देंगे। उन्होंने कहा कि संतों के लिए पक्ष या विपक्ष जैसी राजनीति मायने नहीं रखती, उनके लिए जो सत्ता में है वही सरकार है। संतों ने गौ-रक्षा की उम्मीद में ही भाजपा को वोट दिया था, लेकिन अब भविष्य में उनका वोट उसी दल को जाएगा जो पूरी ईमानदारी के साथ गाय को माता मानकर काम करेगा। उन्होंने जनता के सामने एक नया राजनीतिक विकल्प रखने की बात कही है, जो आने वाले समय में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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