देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर पिछले दिनों सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, भविष्य में प्रश्नपत्रों की ढुलाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना को सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि सरकार किसी भी कीमत पर दोबारा पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना चाहती है। इसी को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक अहम बैठक भी हुई। इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, CBSE और NTA के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के कई सुझावों पर चर्चा की गई। सरकार का फोकस इस बात पर है कि छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो और परीक्षा में किसी तरह की धांधली की संभावना खत्म हो सके। माना जा रहा है कि आने वाले समय में NEET समेत अन्य बड़ी परीक्षाओं के लिए भी नई सुरक्षा नीति बनाई जा सकती है।
छात्रों की परेशानी कम करने पर भी हुआ मंथन
बैठक में सिर्फ पेपर सुरक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों की परेशानियों को कम करने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और प्रश्नपत्रों की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि पेपर लीक की घटनाएं सिर्फ परीक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए सरकार अब ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहती है जिसमें पेपर तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया हाई सिक्योरिटी में हो। सेना की मदद लेने का सुझाव भी इसी दिशा में देखा जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो प्रश्नपत्रों को बेहद सुरक्षित तरीके से अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार उठ रहे सवालों को देखते हुए सरकार अब कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही।
सीबीआई जांच तेज, कोचिंग संचालक की हिरासत बढ़ी
उधर, NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है। दिल्ली की एक अदालत ने कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत एक दिन के लिए और बढ़ा दी है। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ अभी बाकी है और दूसरे आरोपियों से आमना-सामना कराना जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोटेगांवकर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर हासिल किए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि 23 अप्रैल 2026 को ही केमिस्ट्री के सवाल और जवाब आरोपियों तक पहुंच गए थे। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई लगातार डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस पूरे मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ा दी है।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने NEET परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया था। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। सरकार और NTA दोनों की कोशिश है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से हो। छात्रों से भी अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं, लेकिन अगर सरकार सख्त कदम उठाती है तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल लाखों छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं और सभी की नजर सरकार की नई रणनीति पर बनी हुई है। अब देखना होगा कि क्या सेना की मदद से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकेगा या नहीं।
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