मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता और दो पुलिसकर्मी झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना उस समय हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ता एक पुतला दहन कार्यक्रम के लिए मार्च कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुतला दहन के दौरान कैसे बिगड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता बिजावर में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। कार्यकर्ता राजीव भवन से छत्रसाल चौराहे की ओर पैदल मार्च कर रहे थे, जहां प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया जाना था। लेकिन पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के पास ही उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पुतला छीनने को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
छीना-झपटी में लगी आग, कई लोग झुलसे
बताया जा रहा है कि पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को लेकर चल रही छीना-झपटी के दौरान अचानक किसी ने पुतले में आग लगा दी। आग लगते ही वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए और अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक दर्जन से अधिक यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता झुलस गए, जबकि पुलिस आरक्षक आशीष खरे समेत दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। अचानक लगी आग से स्थिति और बिगड़ गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
अस्पताल में इलाज जारी
घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और यूथ कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर आग कैसे लगी और इसके पीछे जिम्मेदार कौन है।
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