महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में 23 अप्रैल को सुबह से मतदान जारी है और इस बार का चुनाव सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। इस सीट पर Sunetra Pawar मैदान में हैं, जो दिवंगत नेता Ajit Pawar की पत्नी हैं। मतदान के दौरान सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह पहला मौका है जब बारामती में चुनाव “दादा” के बिना हो रहा है, इसलिए लोगों में अलग तरह की भावनाएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर मतदान कर रहे हैं और कई लोग बाहर से भी खासतौर पर वोट देने पहुंचे हैं।
Sunetra Pawar का भावुक बयान
मतदान के बीच सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता पिछले कई दशकों से पवार परिवार के साथ खड़ी रही है और अब यह चुनाव उनके लिए एक भावनात्मक मौका बन गया है। उनके अनुसार, लोग अपने वोट को अजित पवार के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “दादा” ने वर्षों तक क्षेत्र के विकास के लिए काम किया और अब जनता उस भरोसे को आगे बढ़ाना चाहती है। यही वजह है कि मतदान केंद्रों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है।
#WATCH | Baramati Assembly bye-elections | Maharashtra Deputy CM Sunetra Pawar says, “The people of Baramati have been standing in support of the ‘Pawar’ family for the last 60 years. This election is taking place in the absence of Dada and all the people of Baramati have decided… https://t.co/DvPdqquyIa pic.twitter.com/ivgDyER4oy
— ANI (@ANI) April 23, 2026
शरद पवार नहीं कर पाए मतदान
इस उपचुनाव में एक और अहम पहलू सामने आया, जब Sharad Pawar मतदान नहीं कर सके। उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जिसके चलते वे बारामती नहीं पहुंच पाए। सुनेत्रा पवार ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि पवार साहब का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है और वही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार का योगदान बारामती ही नहीं, पूरे महाराष्ट्र और देश के लिए प्रेरणादायक रहा है।
जनता से जुड़ा संदेश
शरद पवार ने भी पहले एक पत्र के जरिए जनता को संदेश भेजा था, जिसमें उन्होंने मतदान में शामिल न हो पाने पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि वह वर्षों से हर चुनाव में मतदान करते आए हैं, लेकिन इस बार स्वास्थ्य कारणों से ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। वहीं, सुनेत्रा पवार ने भरोसा जताया कि बारामती की जनता विकास के मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट करेगी और पवार परिवार के कामों को आगे बढ़ाने में सहयोग देगी। इस पूरे चुनाव में भावनाएं, परंपरा और विकास—तीनों का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है।
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