नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। गौतमबुद्धनगर में हुए इस आंदोलन के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस घटना को “संभावित साजिश” बताने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है।
अखिलेश यादव का पलटवार
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह पूरी घटना किसी साजिश का हिस्सा है, तो राज्य की खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या खुफिया तंत्र किसी अन्य काम में व्यस्त था या उसे समय रहते कोई जानकारी नहीं मिली। इसके साथ ही उन्होंने मजदूरों के आंदोलन को नक्सलवाद से जोड़ने की कोशिशों को भी गलत बताया और कहा कि इससे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उनके अनुसार सरकार को मजदूरों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उन पर आरोप लगाना चाहिए।
महंगाई और श्रमिक समस्याओं को लेकर सरकार घिरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में महंगाई और मजदूरों की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवार पहले से ही परेशान हैं, और ऐसे में मजदूरों के आंदोलन को गलत तरीके से पेश करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण प्रदेश की स्थिति खराब हो रही है। अखिलेश ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो जनता खुद जवाब देगी और सत्ता परिवर्तन तय होगा।
सीएम योगी का पक्ष: ‘शांति भंग करने वालों से सावधान’
दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कुछ ताकतें औद्योगिक विकास को रोकने के लिए अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने उद्योगों और श्रमिकों दोनों से सतर्क रहने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। सीएम ने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने हर संकट में मजदूरों और उद्योगों की मदद की है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में निवेश और विकास को बाधित करने वाले तत्वों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
