नरेंद्र मोदी महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में फुले के योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया गया था। इस मौके पर कई बड़े नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इसी दौरान एक ऐसा पल सामने आया जिसने पूरे कार्यक्रम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से हो गई और दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई।
पहले नमस्ते, फिर बातचीत—वीडियो बना चर्चा का केंद्र
संसद परिसर में हुई इस मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले हाथ जोड़कर राहुल गांधी का अभिवादन करते हैं, जिसके बाद वे उनके पास जाकर बातचीत करते हैं। दोनों नेता कुछ सेकंड तक आमने-सामने खड़े होकर बातचीत करते हैं और फिर अपने-अपने रास्ते आगे बढ़ जाते हैं। यह बातचीत भले ही छोटी रही, लेकिन इसमें जो सहजता और सामान्य व्यवहार नजर आया, उसने लोगों का ध्यान खींच लिया। आसपास मौजूद अन्य नेता और अधिकारी भी कुछ क्षणों के लिए रुककर इस बातचीत को देखते नजर आए, जिससे यह पल और भी खास बन गया।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Prerna Sthal on the Parliament premises to pay a floral tribute to Mahatma Jyotiba Phule on his 200th birth anniversary today.
Lok Sabha Speaker Om Birla, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Minister Arjun Ram Meghwal, former… pic.twitter.com/QexqUVky1Z
— ANI (@ANI) April 11, 2026
सियासी टकराव के बीच दिखी संवाद की झलक
भारतीय राजनीति में अक्सर भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री और विपक्ष के शीर्ष नेता के बीच इस तरह का अनौपचारिक संवाद एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि विचारधारात्मक मतभेदों के बावजूद संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। लोकतंत्र में असहमति के साथ-साथ आपसी सम्मान और बातचीत भी उतनी ही जरूरी होती है, और यह छोटा सा पल उसी बात को दर्शाता है।
वीडियो वायरल, लोगों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
इस मुलाकात का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे एक अच्छा संकेत बताते हुए कहा कि देश के शीर्ष नेताओं को इस तरह बातचीत करते देखना सकारात्मक लगता है। कार्यक्रम में ओम बिरला, अर्जुन राम मेघवाल और हरिवंश समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर ज्योतिबा फुले के योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। हालांकि यह मुलाकात औपचारिक नहीं थी, लेकिन इसने यह जरूर दिखाया कि राजनीति में संवाद और सौहार्द की अहमियत आज भी बनी हुई है।
