इज़राइल ने गुरुवार, 9 अप्रैल को घोषणा की है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज़बुल्लाह के वरिष्ठ नेता नईम कासिम के भतीजे और पर्सनल सेक्रेटरी अली यूसुफ हरशी को मार गिराया। इज़राइली सेना का कहना है कि यह ऑपरेशन रातभर चला और हरशी हिज़बुल्लाह के महत्वपूर्ण कमांड में शामिल थे। अभी तक हिज़बुल्लाह की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सीज़फायर के बावजूद जारी है हिंसा
अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के सीज़फायर पर सहमति हो चुकी है, लेकिन हिज़बुल्लाह और इज़राइल के बीच संघर्ष अभी भी जारी है। इज़राइल ने स्पष्ट किया कि लेबनान इस सीज़फायर में शामिल नहीं है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, इससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और सुरक्षा स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।
लेबनान में हवाई हमलों का प्रभाव
लेबनान में हुए हवाई हमलों में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमले में आम नागरिकों को भी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं ने यह दिखाया कि सीज़फायर के बावजूद क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बनी हुई है और जनता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
हिज़बुल्लाह और नईम कासिम की भूमिका
हिज़बुल्लाह, ईरान समर्थित लेबनानी संगठन, क्षेत्र में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य भूमिका निभाता है। नईम कासिम इस संगठन के वरिष्ठ नेता और रणनीति निर्माता थे। उनका भतीजा अली यूसुफ हरशी उनके करीबी सहयोगी और निजी सचिव थे। इज़राइल के इस दावे के अनुसार, अगर हिज़बुल्लाह इसकी पुष्टि करता है तो यह संगठन और ईरान के लिए बड़ा झटका साबित होगा।
