UP News: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घुघली थाना क्षेत्र के बसंतपुर डीह टोले में एक 60 वर्षीय व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार वालों ने तुरंत एंबुलेंस को फोन किया और एंबुलेंस समय पर गांव तक पहुंच भी गई। लेकिन असली समस्या तब सामने आई जब खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस मरीज के घर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों को मरीज को चारपाई पर लिटाकर कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। यह दृश्य न सिर्फ दर्दनाक था, बल्कि ग्रामीण इलाकों की हकीकत भी उजागर करता है।
बदहाल सड़क और रोज की परेशानी
गांव के लोगों के मुताबिक, बसंतपुर डीह टोले तक जाने के लिए आज तक कोई ढंग की पक्की सड़क नहीं बनी है। बारिश के समय यह रास्ता और भी खराब हो जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहन भी सीधे घर तक नहीं पहुंच पाते। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी किसी की तबीयत खराब होती है, तो यही स्थिति बनती है—मरीज को चारपाई या किसी अस्थायी साधन पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार मरीज की हालत गंभीर होती है, जिससे जान का खतरा भी बढ़ जाता है।
कागजों में विकास, जमीन पर हकीकत
गांव के निवासी बताते हैं कि विकास कार्यों की बात सिर्फ कागजों में ही सीमित है। हकीकत में न तो सही सड़क बनी है और न ही जल निकासी की व्यवस्था है। कई जगहों पर जलभराव रहता है, जिससे रास्ते और भी खराब हो जाते हैं। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में बच्चों की हालत और खराब हो जाती है, क्योंकि उन्हें कीचड़ और पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
वायरल वीडियो और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक बीमार व्यक्ति को चारपाई पर उठाकर ले जाया जा रहा है, जबकि एंबुलेंस दूर खड़ी है। मामले को लेकर प्रशासन ने भी प्रतिक्रिया दी है। संबंधित अधिकारी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी समस्या सामने आएगी, उसे जल्द से जल्द ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव अभी तक नहीं दिखा है।
