राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का दबाव, बढ़ी राजनीतिक हलचल
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से दबाव की चर्चा भी सामने आई। Mallikarjun Kharge, K. C. Venugopal और Ramesh Chennithala ने कथित तौर पर उद्धव ठाकरे से संपर्क कर एक सीट कांग्रेस को देने की मांग रखी। इस पर उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस को पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी पर दबाव बनाकर फैसले नहीं कराए जा सकते, जिससे गठबंधन के भीतर खींचतान की झलक भी देखने को मिली।
प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा विरोध, संजय राउत पर सवाल
बैठक का सबसे चर्चित पल तब आया जब Priyanka Chaturvedi ने अचानक नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध दर्ज कराया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी आपत्ति रखना चाहती हैं और सवाल उठाया कि Sanjay Raut ने Sharad Pawar का नाम क्यों लिया। इस मुद्दे पर माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। हालांकि, उद्धव ठाकरे ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए संजय राउत का बचाव किया और कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख के तौर पर वही लेंगे। इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि पार्टी के अंदर रणनीति और बयानबाजी को लेकर मतभेद मौजूद हैं।
बैठक के बाद भी नहीं थमा असंतोष, आदित्य की चुप्पी पर सवाल
बैठक खत्म होने के बाद भी असंतोष की चर्चा जारी रही। कुछ सांसदों ने Priyanka Chaturvedi के प्रदर्शन पर सवाल उठाए, तो वहीं मराठवाड़ा के एक नेता ने Aaditya Thackeray की सक्रियता को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि आदित्य ठाकरे को पूरे महाराष्ट्र में ज्यादा सक्रिय होकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में आदित्य ठाकरे काफी शांत नजर आए, जिससे अटकलें और तेज हो गईं। कुल मिलाकर, यह बैठक जहां एकजुटता का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी, वहीं इसने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और असहमति को भी उजागर कर दिया।
