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भारत के सामने भी युद्ध ने खड़ी की बड़ी चुनौती! पीएम मोदी ने संसद में खोले पेट्रोल-डीजल और खाड़ी संकट के राज

PM Modi ने संसद में पश्चिम एशिया के युद्ध का भारत पर असर बताया। 3.75 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की तैयारियों का खुलासा।

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लोकसभा में PM Modi ने पश्चिम एशिया में जारी जंग पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि यह संकट केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध ने भारत के सामने भी कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जिन्हें सरकार आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय स्तर पर संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।

PM Modi ने कहा, “यह संकट तीन हफ्ते से अधिक समय से जारी है और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। भारत के लिए यह समय आसान नहीं है और कई मोर्चों पर चुनौतियां सामने आई हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

खाड़ी में 1 करोड़ भारतीय और सरकार की सुरक्षा प्राथमिकताएं

PM Modi ने खाड़ी देशों में बसे भारतीयों की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। “उनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है,” पीएम मोदी ने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है, जिसमें इरान से लगभग 1 हजार लोग शामिल हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं।

साथ ही प्रधानमंत्री ने दुख जताते हुए बताया कि इस दौरान कुछ लोगों की मृत्यु और कई के घायल होने की घटनाएं भी हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर कदम पर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है और सभी आपात स्थितियों के लिए रणनीतियां तैयार हैं।

पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रणनीति

PM Modi ने संसद को अवगत कराया कि भारत का पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है, जो वर्तमान युद्ध के कारण संकट में है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए खास रणनीति बनाई है।

पीएम मोदी ने बताया कि देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, इसलिए घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, इथेनॉल उत्पादन बढ़ने और पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने से भी ऊर्जा पर दबाव कम हुआ है। रेलवे का बिजलीकरण भी ऊर्जा की खपत को कम करने में मदद कर रहा है।

खेती, खाद और व्यापक तैयारी पर सरकार की नजर

PM Modi ने कहा कि युद्ध का असर खेती और खाद्यान्न पर भी पड़ सकता है, लेकिन देश में फिलहाल पर्याप्त खाद्यान्न मौजूद है। किसानों की जरूरतों को देखते हुए 6 नए यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं, ताकि खाद की आपूर्ति बनी रहे और कृषि प्रभावित न हो।

पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार वैश्विक सहयोगियों के संपर्क में है ताकि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और तेल, गैस जैसे संसाधनों की सप्लाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा, “भारत हर स्थिति के लिए तैयार है और हम देश की अर्थव्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठा रहे हैं।”

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