मुंबई में बीएमसी चुनाव के बाद एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है, जिसकी वजह बनी एक तस्वीर। AIMIM की पार्षद खैरुन्निसा अख्तर हुसैन ने अपने कार्यालय की दीवार पर पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ अपने पति अकबर हुसैन की तस्वीर लगा दी। शुरुआत में यह एक सामान्य राजनीतिक सजावट मानी जा रही थी, लेकिन जैसे ही इस तस्वीर की चर्चा सार्वजनिक हुई, मामला तेजी से विवाद में बदल गया। सरकारी कार्यालय में निजी व्यक्ति की तस्वीर को लेकर सवाल उठने लगे।
चुनाव जीत के बाद लिया गया फैसला
दरअसल, हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों में AIMIM ने कुछ वार्डों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। 16 जनवरी को घोषित नतीजों में पार्टी के 8 पार्षद चुने गए, जिनमें एम-ईस्ट वार्ड (गोवंडी-देवनार) से खैरुन्निसा हुसैन भी शामिल हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अपने कार्यालय को सजाने के दौरान यह तस्वीर लगाई थी। हालांकि, यह कदम जल्द ही उनके लिए परेशानी का कारण बन गया और राजनीतिक विरोधियों को मुद्दा मिल गया।
आपराधिक रिकॉर्ड ने बढ़ाया विवाद
विवाद की असली वजह अकबर हुसैन का आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है। बीजेपी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाते हुए आरोप लगाया कि अकबर हुसैन, जिसे राजू बटला के नाम से भी जाना जाता है, एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और तस्करी जैसे गंभीर मामलों में 20 से अधिक केस दर्ज हैं। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति की तस्वीर सरकारी दफ्तर में कैसे लगाई जा सकती है, जबकि उस पर कानूनी प्रतिबंध भी रह चुका है।
बढ़ते विवाद के बाद हटाई गई फोटो
मामला बढ़ता देख AIMIM नेतृत्व को बीच में आना पड़ा। पार्टी ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कार्रवाई करते हुए विवादित तस्वीर को हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद पार्षद कार्यालय से अकबर हुसैन की तस्वीर हटा दी गई। हालांकि, इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ सरकारी संस्थानों की गरिमा की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर निजी और राजनीतिक सीमाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
