मंडी से सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी के केंद्र में हैं। हाल ही में पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav ने कंगना को लेकर ‘चखना-चटनी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विवाद तेज हो गया है। यह बयान उस समय आया जब कंगना ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। पप्पू यादव की टिप्पणी ने इस बहस को और गरमा दिया है।
कंगना का पलटवार, बोलीं- यह महिलाओं का अपमान
कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘चखना’ या ‘चटनी’ कहना न सिर्फ उनका अपमान है, बल्कि यह पूरे महिला वर्ग के खिलाफ अपमानजनक सोच को दर्शाता है। कंगना ने लिखा कि उन्होंने सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी की थी, लेकिन इसके जवाब में उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार, इस तरह की भाषा समाज में महिलाओं की छवि को कमजोर करती है।
फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति तक का सफर
कंगना ने अपने बयान में यह भी याद दिलाया कि फिल्म इंडस्ट्री में भी महिलाओं को लंबे समय तक सीमित भूमिकाओं में रखा गया। उन्होंने कहा कि पहले अभिनेत्रियों को सिर्फ ‘आइटम नंबर’ तक सीमित किया जाता था, लेकिन अब राजनीति में भी महिलाओं को हल्के में लेने की कोशिश हो रही है। कंगना ने खुद को एक फिल्म निर्माता, लेखिका और सांसद बताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के शब्दों में बांधना गलत है और यह मानसिकता बदलनी चाहिए।
विवाद की जड़ और आगे की राजनीति
दरअसल, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने राहुल गांधी के संसद में व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘टपोरी’ कहा था। इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पप्पू यादव का बयान भी शामिल है। अब यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत टिप्पणी से आगे बढ़कर महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक भाषा की मर्यादा पर बहस बन चुका है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है।
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