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‘देवी-देवताओं की मूर्तियां भी चीन से क्यों?’ केजरीवाल का फूटा गुस्सा, बोले—मेरा खून खौल जाता है

अरविंद केजरीवाल ने चीन से आने वाले सामान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देवी-देवताओं की मूर्तियां तक आयात करना चिंताजनक है।

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Arvind Kejriwal ने चीन से भारत में आने वाले सामान को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब वह देखते हैं कि देश में रोजमर्रा की चीजें चीन से आयात की जा रही हैं तो उनका खून खौल उठता है। उनका कहना है कि भारत जैसे संसाधनों से भरपूर देश को छोटी-छोटी चीजों के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर यह सवाल उठाया कि अगर भारत में कारीगरों और उद्योगों की इतनी बड़ी क्षमता है तो फिर देवी-देवताओं की मूर्तियां, खिलौने, प्लास्टिक की बाल्टियां और किचन में इस्तेमाल होने वाले कई सामान चीन से क्यों मंगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और देशभक्ति से जुड़ा विषय भी है।

पंजाब की इंडस्ट्री को दिया पूरा समर्थन का भरोसा

Punjab में आयोजित निवेश कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने उद्योगपतियों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और ऐसे उत्पाद तैयार करें जो न केवल देश की जरूरतों को पूरा करें बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें। उनका कहना था कि अगर पंजाब के उद्योगों को सही माहौल और सुविधाएं दी जाएं तो वे चीन जैसे बड़े बाजार से भी मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि सरकार को बताएं कि उन्हें किस तरह की सुविधाओं की जरूरत है, ताकि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर वातावरण बनाया जा सके।

भारत के संसाधनों और क्षमता का किया जिक्र

अपने भाषण में केजरीवाल ने कहा कि भारत प्राकृतिक संसाधनों के मामले में बेहद समृद्ध देश है। यहां पहाड़, नदियां, खनिज संपदा और खेती के लिए उपजाऊ जमीन जैसी कई चीजें मौजूद हैं। इसके बावजूद अगर देश छोटी-छोटी चीजों के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहता है तो यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय तक व्यवस्था ऐसी रही कि लोगों को अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए। उनका मानना है कि अगर उद्योगों को सही समर्थन और नीतिगत सहयोग मिले तो देश के उत्पाद न केवल घरेलू बाजार में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत पहचान बना सकते हैं।

पंजाब की अर्थव्यवस्था को फिर मजबूत बनाने का लक्ष्य

केजरीवाल ने अपने संबोधन में पंजाब की अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब राज्य प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में सबसे आगे था, लेकिन पिछले कुछ दशकों में यह स्थिति बदल गई। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि पंजाब को फिर से उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा देना है। केजरीवाल ने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योगपतियों के साथ मिलकर ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जिससे पंजाब फिर से आर्थिक विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सके।

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