Wednesday, March 11, 2026
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा ऐलान: यूपी की 18 दिनों तक करेंगे परिक्रमा

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 81 दिनों की ‘गविष्ठि यात्रा’ का ऐलान किया है। यह यात्रा 3 मई से गोरखपुर से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी और गौ रक्षा के मुद्दे पर जनजागरण किया जाएगा।

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार (11 मार्च) को एक बड़ा ऐलान करते हुए उत्तर प्रदेश की 81 दिनों की परिक्रमा यात्रा की घोषणा की है। इस यात्रा को उन्होंने ‘गविष्ठि यात्रा’ नाम दिया है। शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा 3 मई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी और इसकी शुरुआत गोरखपुर से होगी। खास बात यह है कि यात्रा का समापन भी गोरखपुर में ही किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज के बीच जाकर संवाद करना और खास तौर पर गौ रक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना है।

‘राजनीति नहीं, सिर्फ गौ रक्षा की बात करेंगे’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा कि इस यात्रा का किसी भी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समाज के बीच जाकर गाय की सुरक्षा और उससे जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में गौ रक्षा को लेकर कई तरह की बातें होती हैं, लेकिन असल स्थिति क्या है, इसे समझाने के लिए वे जनता के बीच जाएंगे। यात्रा के दौरान अलग-अलग जिलों में सभाएं और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

जहां से शुरू होगी यात्रा, वहीं होगा समापन

शंकराचार्य ने बताया कि यह परिक्रमा यात्रा जिस स्थान से शुरू होगी, उसी स्थान पर इसका समापन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को सभी लोग फिर गोरखपुर में इकट्ठा होंगे और वहां एक बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय बारिश भी हो रही होगी तो भी कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। उनके शब्दों में, “हम बरसाती पहनकर खड़े रहेंगे, लेकिन सभा जरूर करेंगे।” इससे साफ है कि यात्रा को लेकर उनकी तैयारी और संकल्प दोनों काफी मजबूत हैं।

नागा सेना की तर्ज पर बनेगी ‘चतुरंगिणी’

इस घोषणा के साथ शंकराचार्य ने एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने बताया कि नागा साधुओं की सेना की तर्ज पर ‘चतुरंगिणी’ का गठन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह व्यवस्था धर्म और गौ रक्षा के कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संगठन समाज के बीच जागरूकता फैलाने का काम करेगा। शंकराचार्य की इस घोषणा के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में इस यात्रा को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि 81 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा प्रदेश के कई हिस्सों में बड़ा प्रभाव छोड़ सकती है।

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