Gautam Gambhir: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार जीत हासिल करने के बाद जहां पूरा देश जश्न में डूबा हुआ है, वहीं इस जीत के बाद एक नया विवाद भी सामने आ गया है। दरअसल भारतीय टीम के हेड कोच Gautam Gambhir, कप्तान Suryakumar Yadav और क्रिकेट प्रशासक Jay Shah ट्रॉफी के साथ एक हनुमान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। पूर्व क्रिकेटर और नेता Kirti Azad ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पूरे देश की है और इसे किसी एक धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कई लोग इस मुद्दे पर अपनी राय रखने लगे। कुछ लोगों ने इसे सामान्य धार्मिक आस्था बताया, जबकि कुछ ने इसे अनावश्यक विवाद कहा।
कीर्ति आजाद के बयान से बढ़ी बहस
कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में किसी भी बड़ी उपलब्धि को सभी धर्मों और समुदायों के सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ट्रॉफी मंदिर ले जाई जा सकती है तो फिर उसे मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे में क्यों नहीं ले जाया गया। उनके अनुसार यह ट्रॉफी लगभग 1.4 अरब भारतीयों की खुशी का प्रतीक है और इसे किसी एक धार्मिक पहचान से जोड़ना उचित नहीं है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कई क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि खिलाड़ियों का मंदिर जाना उनकी निजी आस्था का हिस्सा हो सकता है और इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।
🎥 #TeamIndia Head Coach @GautamGambhir expresses his immense gratitude to ICC Chair @JayShah, Chief Selector Ajit Agarkar, former Head Coach Rahul Dravid & Head COE @VVSLaxman281 for their contributions towards Indian Cricket 👏
“I really have to thank Jay bhai for trusting me… pic.twitter.com/C0oHco3JBV
— BCCI (@BCCI) March 9, 2026
Gautam Gambhir ने दिया करारा जवाब
इस पूरे विवाद पर अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है, क्योंकि टीम की जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। गंभीर ने कहा कि खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में बेहद कठिन परिस्थितियों में खेलते हुए जीत हासिल की है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर फोकस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस जीत को धार्मिक या राजनीतिक बहस में बदलने की कोशिश करता है तो इससे खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को छोटा दिखाया जाता है। गंभीर ने यह भी कहा कि टीम के खिलाड़ियों ने कई महीनों तक कड़ी मेहनत की और भारी दबाव झेलते हुए देश को यह बड़ी जीत दिलाई है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणियां खिलाड़ियों के लिए भी निराशाजनक हो सकती हैं।
मुश्किल दौर के बाद टीम इंडिया बनी चैंपियन
अगर टूर्नामेंट में भारतीय टीम के प्रदर्शन की बात करें तो यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। सुपर-8 चरण में टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद टीम पर काफी दबाव बन गया था। हालांकि इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की और लगातार जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाया। फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत टी20 वर्ल्ड कप तीन बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर में जश्न मनाया गया और क्रिकेट प्रशंसकों ने खिलाड़ियों की जमकर सराहना की।
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