होली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में पकवानों की खुशबू और तैयारियों की रौनक बढ़ जाती है। लेकिन त्योहार के साथ रसोई का खर्च भी बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर गैस सिलेंडर की कीमत कई परिवारों के मासिक बजट पर असर डालती है। ऐसे समय में दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार ने जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरी घोषणा की है।
दोनों राज्यों ने त्योहार के मौके पर गैस सिलेंडर को लेकर विशेष योजना लागू करने का फैसला किया है। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सहायता देना और त्योहार के समय रसोई का बोझ कम करना है। सरकार का मानना है कि इस कदम से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और त्योहार बिना किसी चिंता के मनाया जा सकेगा।
महिलाओं के लिए यह राहत खास मानी जा रही है, क्योंकि घर की रसोई का जिम्मा अक्सर उन्हीं पर होता है। गैस की बढ़ती कीमतों के बीच यह घोषणा कई परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है।
दिल्ली में आर्थिक सहायता
दिल्ली सरकार ने तय किया है कि होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना साल में दो बार लागू होगी। सरकार सीधे सिलेंडर नहीं देगी, बल्कि 853 रुपये की राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी।
इस योजना के लिए करीब 242 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। अनुमान है कि लगभग 17.5 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि जिन घरों में पाइपलाइन गैस (PNG) कनेक्शन है, उन्हें भी समान राशि दी जाएगी। यानी शहरी और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बराबर सहायता मिलेगी।
सरकार का कहना है कि सीधे बैंक खाते में पैसा भेजने से पारदर्शिता बनी रहेगी और लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर भरवा सकेंगे। इस फैसले से त्योहार के समय आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
यूपी में उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त सिलेंडर
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी होली के मौके पर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन पाने वाले परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा। इस योजना का सीधा फायदा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा।
उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को त्योहार के दौरान रसोई गैस की चिंता से राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। लकड़ी या कोयले की जगह गैस का इस्तेमाल करने से धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आती है।
यूपी सरकार का दावा है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। त्योहार के समय अतिरिक्त खर्च से बचाने के लिए यह योजना खास तौर पर लागू की जा रही है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे।
कौन नहीं उठा सकेगा लाभ? जानिए पात्रता की शर्तें
हालांकि दोनों राज्यों की योजनाएं राहत लेकर आई हैं, लेकिन इनका लाभ हर किसी को नहीं मिलेगा। दिल्ली में केवल वैध राशन कार्ड रखने वाले परिवार ही इस आर्थिक सहायता के पात्र होंगे। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है या जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में शामिल नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी भी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
वहीं उत्तर प्रदेश में केवल उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को ही मुफ्त सिलेंडर मिलेगा। यदि आपका नाम उज्ज्वला योजना की सूची में दर्ज नहीं है, तो आप इस सुविधा का फायदा नहीं उठा पाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभ केवल पंजीकृत और सत्यापित लाभार्थियों को ही दिया जाएगा।
त्योहार के मौके पर दोनों राज्यों की यह पहल लाखों परिवारों के लिए राहत का संदेश लेकर आई है। अगर आप भी इन योजनाओं के पात्र हैं, तो जरूरी दस्तावेज और बैंक विवरण अपडेट रखें, ताकि सहायता समय पर मिल सके और आपकी रसोई होली पर खाली न रहे।
