Friday, February 20, 2026
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विदेश में भी नहीं बदलेगी पहचान! CM योगी के जापान दौरे से पहले भगवा पहनावे पर क्यों बड़ी चर्चा?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं। उनके भगवा पहनावे, सैंडल की जगह जूते पहनने और जापान में हनुमान मंदिर जाने की चर्चा तेज है। जानिए दौरे का पूरा कार्यक्रम और इसके मायने।

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उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को सिंगापुर और उसके बाद जापान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। यह दौरा निवेश, तकनीकी सहयोग और परिवहन विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है, लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र उनका पहनावा बन गया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विदेश में भी अपने पारंपरिक भगवा वस्त्र में ही नजर आएंगे। माना जा रहा है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह धार्मिक पहचान के साथ आधिकारिक विदेश यात्रा पर जाना एक अलग संदेश देता है, इसलिए इसको लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे उनकी व्यक्तिगत पहचान और सादगी से जोड़ा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भगवा परिधान में दिख चुके हैं, लेकिन इस बार यह मुद्दा इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि यह यात्रा निवेश और उच्चस्तरीय सरकारी बैठकों से जुड़ी है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि क्या उनका पहनावा विदेश नीति और कूटनीतिक संदेशों पर भी कोई असर डालेगा या नहीं।

सैंडल की जगह जूते, औपचारिक कार्यक्रमों की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, इस दौरे में CM योगी आदित्यनाथ सैंडल की जगह औपचारिक जूते पहनेंगे। आम तौर पर वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में सैंडल में नजर आते हैं, लेकिन विदेश में आधिकारिक बैठकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात को देखते हुए यह बदलाव किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि सिंगापुर और जापान में उनके कई उद्योगपतियों, निवेशकों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात के कार्यक्रम तय हैं। सिंगापुर में इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और स्मार्ट सिटी मॉडल पर चर्चा होगी, जबकि जापान में हाईस्पीड रेल और आधुनिक परिवहन तकनीक पर फोकस रहेगा। पहनावे को लेकर बढ़ती दिलचस्पी इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री की छवि और व्यक्तित्व को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी रहती है। समर्थकों का कहना है कि वे जहां भी जाते हैं, अपनी सांस्कृतिक पहचान को साथ लेकर चलते हैं, जबकि आलोचकों का मानना है कि विदेश यात्रा में औपचारिक ड्रेस कोड ज्यादा उपयुक्त होता है। हालांकि मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि उनका पूरा ध्यान राज्य के विकास और निवेश आकर्षित करने पर है।

जापान में हनुमान मंदिर दर्शन 

जापान प्रवास के दौरान CM योगी आदित्यनाथ टोक्यो से करीब 45-50 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर भी जाएंगे। इस मंदिर को भारतीय समुदाय के लिए खास माना जाता है और वहां नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। मुख्यमंत्री का वहां जाना भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने के नजरिए से देखा जा रहा है। विदेश में बसे भारतीयों के लिए यह एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक हो सकता है। बताया जा रहा है कि मंदिर दर्शन के साथ-साथ वे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस यात्रा के जरिए सांस्कृतिक कूटनीति को भी बढ़ावा देने की कोशिश मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर जाना केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का हिस्सा भी होता है। इससे भारतीय मूल के लोगों में आत्मीयता और जुड़ाव की भावना मजबूत होती है। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हैं।

मैग्लेव ट्रेन और यूपी के परिवहन भविष्य की दिशा

जापान दौरे का सबसे अहम हिस्सा वहां की उन्नत परिवहन तकनीक का अध्ययन माना जा रहा है। विशेष रूप से मैग्लेव ट्रेन की परीक्षण यात्रा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हो सकती है। मैग्लेव तकनीक घर्षण रहित और अत्याधुनिक हाईस्पीड रेल प्रणाली के लिए जानी जाती है। उत्तर प्रदेश में पहले से ही मेट्रो, एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में जापान की तकनीक को करीब से समझना राज्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। माना जा रहा है कि भारत-जापान सहयोग से भविष्य में उत्तर प्रदेश में भी आधुनिक और सतत परिवहन परियोजनाओं को नई दिशा मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस लंबे समय से इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश पर रहा है। इस यात्रा के जरिए वे प्रदेश में नई तकनीक और विदेशी निवेश लाने की संभावनाएं तलाशेंगे। पहनावे को लेकर भले ही चर्चा हो रही हो, लेकिन असली मकसद प्रदेश के विकास को रफ्तार देना है। अब देखना होगा कि यह दौरा निवेश, तकनीकी सहयोग और परिवहन सुधार के मोर्चे पर कितना असर डालता है।

 

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