Wednesday, February 18, 2026
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56 ठिकानों पर ताला, 275 करोड़ की दौलत जब्त… आखिर कैसे घिर गए हाजी इकबाल?

सहारनपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 56 संपत्तियां, जिनकी कीमत लगभग 275 करोड़ रुपये बताई जा रही है, प्रशासन ने कुर्क कर दीं। जानिए पूरी कार्रवाई, आरोप और आगे की कानूनी प्रक्रिया।

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सहारनपुर में बुधवार को उस समय हलचल मच गई जब प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ मोहम्मद इकबाल की 56 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया। अधिकारियों के मुताबिक इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 275 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि ये संपत्तियां अवैध गतिविधियों के जरिए अर्जित की गई थीं। कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर की गई और राजस्व तथा पुलिस की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की। इस कार्रवाई को सहारनपुर में अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामलों की पृष्ठभूमि

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हाजी इकबाल और उनके गिरोह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अवैध खनन, वन संपदा की तस्करी, जमीनों पर कब्जा और धमकी देकर संपत्ति हड़पने जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2022 में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि बड़ी मात्रा में संपत्ति अवैध आय से खरीदी गई थी। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच में पाया गया कि कई संपत्तियां रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज थीं, लेकिन नियंत्रण और लाभ आरोपी पक्ष को ही मिल रहा था। इसी आधार पर प्रशासन ने कानूनी कदम उठाया। अधिकारियों ने कहा कि सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।

कुर्क संपत्तियों में क्या-क्या शामिल है?

प्रशासन द्वारा कुर्क की गई 56 संपत्तियों में कृषि भूमि, प्लॉट, व्यावसायिक परिसंपत्तियां और कुछ आवासीय संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में फैली हुई बताई जा रही हैं। कुर्की के बाद इन संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी किया गया है ताकि आगे किसी प्रकार का विवाद न हो। तहसील स्तर के अधिकारियों को इन संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है, जो अब इनकी देखरेख करेंगे। प्रशासन का कहना है कि जब तक अदालत में मामला विचाराधीन है, तब तक इन संपत्तियों का उपयोग या हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक सख्त संदेश गया है कि अवैध संपत्ति पर अब सख्ती से कार्रवाई होगी।

आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन का संदेश

हाजी इकबाल के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई अभी अदालत में जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कुर्की कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है और आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चलेगी। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं तो इन संपत्तियों का अंतिम निपटारा भी कानूनी प्रावधानों के तहत किया जाएगा। वहीं आरोपी पक्ष को भी अदालत में अपना पक्ष रखने का अधिकार है। जिला प्रशासन ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ यह अभियान राज्य सरकार की नीति के अनुरूप है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि सहारनपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन गंभीर है और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है।

 

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