महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री के विमान हादसे को लेकर अब मामला और गंभीर होता जा रहा है। इसी सिलसिले में Sunetra Pawar ने राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मुलाकात की और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग रखी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में उन्होंने हादसे से जुड़े कई बिंदुओं पर चिंता जताई और कहा कि परिवार तथा समर्थकों को अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। सुनेत्रा पवार का कहना है कि यह सिर्फ एक पारिवारिक मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े बड़े नेता की मौत का मामला है, इसलिए जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि केंद्र सरकार से बात कर इस केस को केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाए ताकि हर एंगल से जांच हो सके।
विमान हादसे की पृष्ठभूमि और उठते सवाल
यह पूरा मामला उस विमान दुर्घटना से जुड़ा है जिसमें वरिष्ठ नेता Ajit Pawar की मौत हुई थी। घटना के बाद शुरुआती जांच शुरू की गई, लेकिन समय बीतने के साथ कई सवाल सामने आने लगे। परिवार और पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और तकनीकी रिपोर्ट को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कुछ नेताओं ने जांच में देरी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद विस्तृत रिपोर्ट सामने आने में विलंब क्यों हो रहा है। इसी कारण अब CBI जांच की मांग जोर पकड़ रही है। सुनेत्रा पवार का कहना है कि यदि जांच राज्य एजेंसियों तक सीमित रहेगी तो लोगों के मन में संदेह बना रहेगा, जबकि केंद्रीय एजेंसी की जांच से सच्चाई सामने आने की संभावना अधिक होगी।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
इस मुद्दे ने महाराष्ट्र की राजनीति को फिर से गर्म कर दिया है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही अपने-अपने तरीके से बयान दे रहे हैं। कुछ नेताओं ने कहा कि यदि परिवार खुद CBI जांच चाहता है तो सरकार को इस पर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए। वहीं कुछ का मानना है कि पहले से चल रही तकनीकी जांच को पूरा होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुलाकात के बाद कहा कि सरकार सभी तथ्यों पर विचार करेगी और कानून के दायरे में रहकर उचित कदम उठाएगी। हालांकि उन्होंने तुरंत कोई घोषणा नहीं की, लेकिन संकेत दिए कि इस मांग पर गंभीरता से चर्चा होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामला CBI को सौंपा जाता है तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
आगे की राह और परिवार की उम्मीदें
सुनेत्रा पवार ने साफ कहा है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचना है। उनका कहना है कि जब तक हादसे के हर पहलू की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक परिवार को शांति नहीं मिलेगी। आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर बातचीत हो सकती है, जिसके बाद यह तय होगा कि जांच किस एजेंसी को सौंपी जाएगी। फिलहाल यह मामला सिर्फ एक हादसे से आगे बढ़कर राजनीतिक और प्रशासनिक पारदर्शिता का सवाल बन चुका है। जनता भी अब यही जानना चाहती है कि आखिर उस दिन विमान हादसे की असली वजह क्या थी। यदि CBI जांच को मंजूरी मिलती है तो तकनीकी विशेषज्ञ, विमानन रिकॉर्ड, संचार डेटा और अन्य सबूतों की दोबारा जांच हो सकती है। आने वाले हफ्ते इस पूरे प्रकरण के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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