पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना का ऐलान किया है, जिसका नाम ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ रखा गया है। सरकार का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में रहते हैं, लेकिन आर्थिक दबाव के कारण उन्हें छोटे-मोटे काम करने पड़ते हैं। कई युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या स्किल ट्रेनिंग के दौरान पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए बांग्लार युवा साथी योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र युवाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और वे बिना आर्थिक चिंता के अपने करियर पर ध्यान दे सकेंगे। बांग्लार युवा साथी योजना को राज्य में युवाओं के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
आवेदन की तारीख और प्रक्रिया क्या होगी?
बांग्लार युवा साथी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 फरवरी 2026 से शुरू होगी और 26 फरवरी 2026 तक चलेगी। सरकार ने बताया है कि इन 11 दिनों के दौरान राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे और वहीं भरे हुए फॉर्म जमा भी किए जाएंगे। जो युवा ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म डाउनलोड करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र का नमूना प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, भरा हुआ फॉर्म संबंधित कैंप में ही जमा करना होगा। आवेदन करते समय युवाओं को जरूरी दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। सरकार का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र युवा बांग्लार युवा साथी योजना का लाभ ले सकें। प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी गई है ताकि समय पर आवेदन स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
कौन होंगे योजना के पात्र और कौन नहीं?
बांग्लार युवा साथी योजना के लिए कुछ स्पष्ट पात्रता शर्तें तय की गई हैं। इस योजना का लाभ वही युवा उठा सकेंगे जिनकी उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच है। आवेदक का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ ही आवेदक का पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और वह वर्तमान में बेरोजगार होना चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो युवा पहले से राज्य सरकार की किसी अन्य नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि, जो छात्र स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, वे बांग्लार युवा साथी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस फैसले का उद्देश्य उन युवाओं को प्राथमिकता देना है जो पूरी तरह से बेरोजगार हैं और आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने से योजना का उद्देश्य सफल होगा और युवाओं को वास्तविक मदद मिल सकेगी।
कब से मिलेगी राशि और क्या होगा असर?
राज्य सरकार के अनुसार बांग्लार युवा साथी योजना के तहत आर्थिक सहायता का वितरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। पहले यह योजना 15 अगस्त से लागू करने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब इसे पहले लागू करने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। स्थानीय स्तर पर इस घोषणा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कई छात्रों और बेरोजगार युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कोचिंग फीस, किताबें और रोजमर्रा के खर्चों में यह राशि मददगार साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बांग्लार युवा साथी योजना पारदर्शी तरीके से लागू होती है तो यह युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। चुनावी माहौल में इस योजना को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम भी माना जा रहा है, लेकिन सरकार इसे युवाओं के भविष्य में निवेश के तौर पर पेश कर रही है। अब देखना होगा कि बांग्लार युवा साथी योजना राज्य के बेरोजगार युवाओं के जीवन में कितना वास्तविक बदलाव ला पाती है।
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