Monday, February 16, 2026
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महोबा की पानी टंकी फटी तो गरमाई राजनीति? ‘जल मिशन नहीं, कमीशन मिशन’ बोलकर अखिलेश का बड़ा हमला

महोबा के जैतपुर ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत बनी नई पानी की टंकी टेस्टिंग के अगले दिन फट गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।

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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के जैतपुर ब्लॉक के ग्राम नगाराडांग में बनी पानी की नई टंकी अचानक फट गई। यह टंकी ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत बनाई गई थी। जानकारी के मुताबिक 3 फरवरी को टंकी को टेस्टिंग के लिए पानी से भरा गया था। लेकिन 4 फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे टंकी तेज आवाज के साथ फट गई।

टंकी फटते ही हजारों लीटर पानी बह गया। आसपास के लोगों में घबराहट फैल गई। अच्छी बात यह रही कि उस समय वहां ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, इसलिए कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

यह परियोजना Jal Jeevan Mission के तहत चलाई जा रही थी। इस योजना का मकसद गांव-गांव तक साफ पानी पहुंचाना है। लेकिन नई बनी टंकी का इतनी जल्दी फट जाना लोगों को हैरान कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर टंकी एक दिन की टेस्टिंग भी नहीं झेल पाई तो आगे कैसे चलेगी।

अखिलेश यादव ने सरकार पर बोला हमला

इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि महोबा में भ्रष्टाचार का बोझ पानी की टंकी नहीं सह पाई।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, क्योंकि भ्रष्टाचार की पाइपलाइन जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जल मिशन नहीं बल्कि कमीशन मिशन बन गया है।

उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अखिलेश यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था। अगर निर्माण सही तरीके से हुआ होता तो टंकी इतनी जल्दी नहीं फटती। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम में जल्दबाजी और लापरवाही हुई है।

प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टंकी फटने की असली वजह क्या थी। निर्माण सामग्री, डिजाइन और टेस्टिंग प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी पानी की टंकी को इस्तेमाल से पहले कई चरणों में जांचा जाता है। अगर टेस्टिंग के अगले ही दिन वह फट जाए तो यह गंभीर लापरवाही का संकेत हो सकता है।

ग्रामीणों की मांग, जल्द बने नई टंकी

टंकी फटने के बाद गांव में पानी की समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों को उम्मीद थी कि अब उन्हें नल से नियमित पानी मिलेगा। लेकिन घटना के बाद योजना पर असर पड़ा है।

ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और जल्द से जल्द नई टंकी बनाई जाए। लोगों का कहना है कि सरकार को गुणवत्ता पर सख्ती से ध्यान देना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है कि आखिर टंकी क्यों फटी और जिम्मेदार कौन है।

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