Sunday, February 15, 2026
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यूपी में शराब पर बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से बढ़ेंगे दाम, देसी, अंग्रेजी और बीयर कितने की मिलेगी?

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होगी। देसी शराब, अंग्रेजी शराब (IMFL) और बीयर के दाम बढ़ेंगे। नोएडा, गाजियाबाद समेत बड़े शहरों में नई कीमतों और नियमों की पूरी जानकारी पढ़ें।

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UP Excise Policy 2026: उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है और इसका सीधा असर शराब की कीमतों पर पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत देसी शराब, अंग्रेजी शराब (IMFL) और बीयर की कीमतों में बदलाव तय है। नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, मेरठ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में शराब पीना पहले से महंगा हो सकता है। नई नीति के साथ लाइसेंस व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी सिस्टम के जरिए होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। दुकानों के खुलने और बंद होने का समय पहले की तरह सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही रहेगा। सरकार ने 42.8% v/v अल्कोहल वाली शराब के लिए 100 एमएल का नया पैक बाजार में लाने का भी फैसला किया है। इस पूरी नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य करीब 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का है।

देसी शराब महंगी: राउंड फिगर में तय होंगे नए दाम

नई आबकारी नीति में देसी शराब की कीमतों में सीधा इजाफा किया गया है। सरकार ने तय किया है कि देसी और यूपी मेड लिकर (UPML) की एमआरपी अब अगले 10 रुपये के मल्टीपल में राउंड अप की जाएगी, हालांकि 25% v/v स्ट्रेंथ को इससे अलग रखा गया है। उदाहरण के तौर पर 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बोतल, जो अभी 165 रुपये में मिलती है, वह नई दरों के अनुसार करीब 173 रुपये में मिलेगी। यानी प्रति बोतल 5 से 8 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन रोजाना या नियमित खरीदारी करने वालों के लिए इसका असर साफ दिखेगा। प्रदेशभर में देसी शराब की बिक्री का बड़ा हिस्सा है, इसलिए इस फैसले से आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ना तय है। सरकार का कहना है कि कीमतों को राउंड फिगर में लाने से बिलिंग और प्राइस डिस्प्ले में पारदर्शिता आएगी।

अंग्रेजी शराब (IMFL) और लाइसेंस फीस: क्या नोएडा-गाजियाबाद में बढ़ेंगे रेट?

अंग्रेजी शराब यानी इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के शौकीनों के लिए यह खबर मिली-जुली है। नई नीति में शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा IMFL पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में भी हल्का इजाफा किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लाइसेंस फीस बढ़ने के कारण रिटेलर्स कीमतों में कुछ बढ़ोतरी कर सकते हैं, खासकर नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में, जहां पहले से ही बिक्री का वॉल्यूम ज्यादा है। हालांकि सरकार ने सीधे तौर पर सभी ब्रांड्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन बाजार स्तर पर कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वहीं भांग की दुकानों की लाइसेंस फीस में भी 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उस श्रेणी में भी कीमतों पर असर पड़ सकता है।

बीयर और वाइन के लिए अलग व्यवस्था

नई आबकारी नीति में बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों को लेकर अलग प्रावधान किया गया है। नोएडा (गौतम बुद्ध नगर), गाजियाबाद, लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में ‘लो-अल्कोहल प्रीमियम रिटेल वेंड्स’ खोलने की अनुमति दी गई है। इन वेंड्स पर बीयर, वाइन और कम अल्कोहल वाले पेय अलग से उपलब्ध होंगे। सरकार ने स्टैंडर्ड वाइन पर एक्साइज ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने की बात कही है, जिससे इसकी कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि ‘फोर्टिफाइड वाइन’ पर अतिरिक्त लेवी लगाने का फैसला किया गया है, जिससे उसकी कीमतें बढ़ सकती हैं। बीयर की कीमतों पर भी हल्का असर पड़ सकता है, खासकर उन ब्रांड्स पर जिन पर ड्यूटी संरचना में बदलाव हुआ है। कुल मिलाकर 1 अप्रैल 2026 से उत्तर प्रदेश में शराब बाजार नई व्यवस्था के साथ चलेगा और उपभोक्ताओं को अपनी पसंदीदा ड्रिंक के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।

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