UP Assembly News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस बार जल जीवन मिशन को लेकर जोरदार चर्चा देखने को मिली। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए सरकार की कई योजनाओं की सराहना की, लेकिन साथ ही जमीनी हकीकत पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जल जीवन मिशन के तहत कई जगहों पर सड़कें खोद दी गईं और अब तक दोबारा ठीक नहीं की गईं। राजा भैया ने सदन में साफ शब्दों में कहा कि आधे से ज्यादा पानी की टंकियां अभी तक चालू नहीं हुई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जहां-जहां सड़कें टूटी हैं, उन्हें जल्द बनवाया जाए और जिन टंकियों से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है, उन्हें तत्काल चालू कराया जाए। उनका कहना था कि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए, नहीं तो नाराजगी बढ़ेगी।
महोबा में मंत्री का काफिला रोके जाने से मचा था बवाल
जल जीवन मिशन को लेकर विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। बीते 30 जनवरी को महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा हुआ था। चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने मंत्री का काफिला रोक लिया था। उनका आरोप था कि उनके क्षेत्र में हर घर नल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी नहीं आ रहा। साथ ही सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। बताया गया कि विधायक अपने समर्थकों और करीब 40 गांवों के प्रधानों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। समर्थकों ने मंत्री के काफिले के सामने गाड़ियां खड़ी कर दीं, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया था।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से टला टकराव, 20 दिन में सुधार का वादा
महोबा में बढ़ते तनाव को देखते हुए अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बीच-बचाव किया। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन बाद में दोनों जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ बैठक कर जलापूर्ति और सड़कों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में 20 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया। हालांकि इसके बाद भी विधायक बृजभूषण ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो वे लखनऊ जाकर धरना देंगे। इस घटना के बाद पार्टी स्तर पर भी मामला गंभीरता से लिया गया और विधायक को नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई।
विकास बनाम जमीनी हकीकत: सरकार के सामने चुनौती
विधानसभा में राजा भैया द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में चिंता है। एक ओर सरकार का दावा है कि हर घर नल योजना के तहत तेजी से काम हो रहा है, दूसरी ओर कई क्षेत्रों से अधूरे काम और बंद पड़ी टंकियों की शिकायतें आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने से लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी योजनाओं की सफलता केवल घोषणा से नहीं, बल्कि समय पर क्रियान्वयन से तय होती है। अब देखना होगा कि सरकार इन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है। फिलहाल जल जीवन मिशन और टूटी सड़कों का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा के केंद्र में है, और जनता की निगाहें समाधान पर टिकी हैं।
