उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन कार्यक्रम आमतौर पर बड़े मुद्दों, शिकायतों और समस्याओं के लिए जाना जाता है, लेकिन लखनऊ में आयोजित एक जनता दर्शन में ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल छू लिया। इस बार सीएम योगी के सामने कोई लंबी फाइल या जटिल समस्या नहीं थी, बल्कि एक छोटी सी बच्ची अपनी मां और परिवार के साथ खड़ी थी। जब मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि क्या कहना चाहती हो, तो बच्ची ने मासूमियत से कहा—“मेरा एडमिशन करवा दो।” यह सुनते ही माहौल हल्का हो गया और सीएम योगी भी मुस्कुरा उठे। बच्ची की सादगी और पढ़ने की चाह देखकर मुख्यमंत्री ने उससे बातचीत शुरू की, जिससे यह साफ हो गया कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं रहने वाली थी।
‘इस ठंड में स्कूल जाओगी?’ सीएम योगी ने यूं परखा इरादा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्ची से बड़े प्यार से पूछा कि वह किस कक्षा में दाखिला चाहती है। इस पर बच्ची की मां ने बताया कि नर्सरी में एडमिशन कराना है। सीएम योगी ने फिर मुस्कुराते हुए बच्ची से सवाल किया—“इस ठंड में रोज स्कूल जाओगी न? मेहनत से पढ़ोगी न?” बच्ची ने बिना किसी झिझक के सिर हिलाकर ‘हां’ कहा। यह छोटा सा जवाब लेकिन बड़े इरादे को दिखा रहा था। सीएम योगी ने यह भी देखा कि बच्ची पढ़ने को लेकर कितनी उत्सुक है। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों की ओर देखते हुए संकेत किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी इस संवाद को बड़े ध्यान से देख रहे थे, क्योंकि शायद ही कभी जनता दर्शन में ऐसा भावुक पल देखने को मिलता है।
#WATCH | Lucknow | After meeting UP CM Yogi Adityanath during ‘Janta Darshan’, Anabi Ali says, “I met CM Yogi ji and requested him to get me admission in Loreto Convent school.” https://t.co/cNAfXf9CnB pic.twitter.com/glX4BSfm70
— ANI (@ANI) February 2, 2026
कविता सुनाई तो खुश हो गए मुख्यमंत्री
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बच्ची से पूछा कि क्या वह कुछ पढ़ती है या कोई कविता सुना सकती है। इस पर बच्ची ने तुरंत ‘शेर बच्चा, शेर बच्चा’ कविता सुनाई। उसकी साफ आवाज़ और आत्मविश्वास देखकर सीएम योगी खासे खुश नजर आए। कविता खत्म होते ही मुख्यमंत्री ने वहां खड़े अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा—“इस बच्ची का एडमिशन कराओ।” इसके बाद उन्होंने बच्ची से पूछा कि अब ठीक है न? बच्ची ने खुशी-खुशी हामी भर दी। मुख्यमंत्री ने बच्ची को चॉकलेट भी दी, जिससे उसकी खुशी और बढ़ गई। यह पूरा दृश्य यह दिखाने के लिए काफी था कि सरकार के लिए शिक्षा सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है, और उस नींव को मजबूत करने की शुरुआत छोटे कदमों से भी हो सकती है।
‘मैं बहुत खुश हूं’, बच्ची ने बताया जनता दर्शन का अनुभव
बाद में जब बच्ची, जिसका नाम अनाबी अली बताया गया, से बातचीत की गई तो उसने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह जनता दर्शन में इसलिए गई थी क्योंकि उसे एक स्कूल में एडमिशन चाहिए था। उसने लखनऊ के एक स्कूल का नाम लेते हुए बताया कि वहीं पढ़ना चाहती है। अनाबी ने कहा कि उसने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एडमिशन करवाने का आग्रह किया था और मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उसका दाखिला हो जाएगा। बच्ची ने बताया कि इस दौरान उसके साथ उसकी मम्मी, दादा और दादी भी मौजूद थे। अनाबी ने मुस्कुराते हुए कहा—“मैं बहुत खुश हूं।” यह घटना न सिर्फ एक बच्ची के सपने के पूरे होने की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अगर इच्छा सच्ची हो और मौका मिले, तो सरकार और समाज मिलकर किसी बच्चे का भविष्य संवार सकते हैं।
