IND vs PAK U19: अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हर मुकाबला हमेशा रोमांचक होता है और यह मैच भी इससे अलग नहीं था। भारत के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार शुरुआत करते हुए अपने शॉट्स से दर्शकों का ध्यान खींचा। 20 गेंदों में 30 रन बनाकर वह टीम के लिए भरोसेमंद स्थिति बनाते दिख रहे थे। इस मैच में वैभव को एक ही ओवर में दो बार मौका मिला, लेकिन किस्मत का साथ उनके साथ नहीं रहा। पाकिस्तान के फील्डरों ने एक आसान कैच छोड़ा और रन आउट का मौका भी गंवाया, लेकिन अगले ही पल वैभव आउट हो गए। इस विकेट ने मैच में माहौल बदल दिया और पाकिस्तान की टीम उत्साह से झूम उठी।
एक ही गेंद पर दो जीवनदान
8वें ओवर की तीसरी गेंद मोहम्मद सायम ने शॉर्ट पिच डाली। वैभव सूर्यवंशी ने इस गेंद पर पुल शॉट खेला, लेकिन शॉट बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में गया। शॉर्ट मिड विकेट पर खड़े हुजैफा के लिए यह आसान कैच था, लेकिन दबाव के कारण कैच छूट गया। इसके बाद वैभव रन लेने के लिए दौड़े, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर आरोन जॉर्ज ने उन्हें रोक दिया और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसी दौरान फील्डर ने गेंद को विकेट पर मारा, लेकिन वहां कोई विकेटकीपर नहीं था और थ्रो भी सीधा स्टंप्स पर नहीं लगा। इस तरह वैभव को एक ही गेंद पर दो बड़े जीवनदान मिले – एक कैच ड्रॉप और एक रन आउट से बचाव।
जीवनदान का फायदा न उठाने पर अचानक आउट
क्रिकेट में कहा जाता है कि जीवनदान मिलते हैं तो बल्लेबाज को उसे भुनाना चाहिए, लेकिन वैभव सूर्यवंशी इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए। अगले ही गेंद पर उन्होंने वही आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की। शॉट ठीक से नहीं लगा और गेंद सीधे फील्डर के हाथों में चली गई। वैभव 30 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी जोरदार जश्न मनाने लगे। यह विकेट भारत के लिए झटका साबित हुआ, क्योंकि वैभव टीम की लय को बनाये रख रहे थे और इस तरह उनके जाने से टीम की गति धीमी हो गई।
पाकिस्तानी उत्साह और मैच का नया रुख
वैभव सूर्यवंशी का आउट होना पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मोड़ था। मैच के इस हिस्से में उनकी बल्लेबाजी पर नियंत्रण भारत की टीम के लिए अहम था। जीवनदान के बावजूद आउट होने के बाद पाकिस्तान की टीम में उत्साह और बढ़ गया। गेंदबाज और फील्डर अपनी रणनीति बदलकर और आक्रामक हो गए। भारतीय टीम ने भी सीखा कि कभी-कभी मैच में मिली छोटी-छोटी चूकें बड़ी कीमत चुका सकती हैं। इस घटना ने साबित किया कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में हर गेंद का महत्व होता है और थोड़ी सी लापरवाही भी मैच का रुख बदल सकती है। फैंस और विश्लेषक इस विकेट को लंबे समय तक याद रखेंगे, क्योंकि यह ना सिर्फ वैभव का दुर्लभ जीवनदान था, बल्कि पाकिस्तान की जीत में अहम मोड़ भी साबित हुआ।

