Budget 2026 के दिन संसद का माहौल सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग नजर आया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब बजट भाषण पढ़ रही थीं, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह गंभीर और एकाग्र दिखाई दिए। वे अपनी सीट पर शांत बैठे थे, लेकिन उनकी आंखें लगातार भाषण पर टिकी हुई थीं। ऐसा लग रहा था जैसे वे हर शब्द और हर घोषणा को ध्यान से सुन रहे हों। साल 2014 के बाद से पीएम मोदी ने बजट को सिर्फ एक सालाना औपचारिकता नहीं माना, बल्कि इसे देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज बना दिया है। यही वजह है कि बजट के दिन उनकी मुद्रा बाकी दिनों से अलग होती है। Budget 2026 के दौरान भी उनकी गंभीरता यह दिखा रही थी कि सरकार इस बजट को देश के विकास से सीधे जोड़कर देख रही है। संसद में मौजूद सांसदों और टीवी पर बजट देख रहे लोगों के लिए पीएम मोदी का यह शांत रवैया काफी कुछ कह रहा था।
पैनी नजर और हल्की मुस्कान में छिपा भरोसा
बजट भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के हाव-भाव लगातार ध्यान खींचते रहे। कभी उनकी पैनी नजर वित्त मंत्री की ओर जाती, तो कभी किसी घोषणा पर उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान दिखाई देती। यह मुस्कान दिखावटी नहीं थी, बल्कि अपनी सरकार और नीतियों पर भरोसे का संकेत थी। जब विकास, गरीब कल्याण, बुनियादी ढांचे और आम लोगों से जुड़ी योजनाओं की बात हुई, तब पीएम मोदी का संतुलित और सकारात्मक भाव साफ नजर आया। उनकी बॉडी लैंग्वेज यह बता रही थी कि बजट में कही गई बातें सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी। PM Modi Budget 2026 को लेकर उनका यह रवैया यह संदेश दे रहा था कि सरकार पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है। उनकी शांत मौजूदगी ने यह दिखाया कि बजट उनके लिए सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी से जुड़ा विषय है।
VIDEO | Union Budget 2026–27: Finance Minister Nirmala Sitharaman says,”… Building on the success of the Lakhpati Didi program, I propose to help women take the next step from credit-linked livelihoods to being owners of enterprises. Self-help entrepreneur will be set up as… pic.twitter.com/xVp7hB0Zb6
— Press Trust of India (@PTI_News) February 1, 2026
मेज थपथपाकर जताई सहमति और समर्थन
Budget 2026 के दौरान एक चीज जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बार-बार मेज थपथपाना। संसद में जब भी वित्त मंत्री ने किसी बड़ी योजना या लोक-कल्याण से जुड़े फैसले का ऐलान किया, पीएम मोदी ने मेज थपथपाकर अपनी सहमति जताई। यह केवल सदन की परंपरा नहीं, बल्कि सरकार के फैसलों पर प्रधानमंत्री की मुहर मानी जाती है। खासतौर पर जब बुनियादी ढांचे, कृषि, मध्यम वर्ग या गरीबों से जुड़ी घोषणाएं हुईं, तब उनकी प्रतिक्रिया साफ दिखी। इस थपथपाहट से न सिर्फ वित्त मंत्री और सरकार की टीम का मनोबल बढ़ता है, बल्कि सांसदों और देश को यह संदेश भी जाता है कि नेतृत्व इन फैसलों के साथ मजबूती से खड़ा है। PM Modi Budget 2026 के दौरान यह मेज थपथपाना भरोसे और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया।
बजट को आंकड़ों से आगे राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की सोच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बजट केवल आय और खर्च का हिसाब नहीं होता। वे इसे देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का जरिया मानते हैं। Budget 2026 के दौरान उनके हाव-भाव और प्रतिक्रियाएं इसी सोच को दिखाती हैं। उनकी नजर में बजट उन योजनाओं का संग्रह है, जो आम आदमी के जीवन को आसान बना सकती हैं और देश को आगे ले जा सकती हैं। संसद में उनकी शांत लेकिन प्रभावशाली मौजूदगी यह भरोसा देती है कि सरकार अपने फैसलों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। पीएम मोदी की हल्की मुस्कान और मेज थपथपाने का अंदाज यह साफ करता है कि यह बजट देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का एक और मजबूत कदम है। PM Modi Budget 2026 के दौरान उनका व्यवहार यह साबित करता है कि कभी-कभी बिना बोले भी नेतृत्व अपनी बात साफ कर देता है।
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