30 जनवरी 2026 की सुबह कमोडिटी बाजार में उस वक्त हलचल मच गई, जब चांदी के बाद सोने की कीमतों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सोने के दाम करीब 7,000 रुपये तक टूट गए, जिससे निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई। 5 फरवरी 2026 डिलीवरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट का भाव 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया, जबकि पिछला बंद भाव 1,69,403 रुपये था। यानी एक ही सत्र में लगभग 4.37 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई। सुबह 9:05 बजे यह कॉन्ट्रैक्ट 1,67,899 रुपये पर खुला था, लेकिन कुछ ही मिनटों में तेज बिकवाली के दबाव में यह फिसल गया। जानकारों के मुताबिक, हाल के दिनों में सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ है, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले संकेत, सेफ-हेवन मांग में आई नरमी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। शुक्रवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में हाजिर सोना (Spot Gold) करीब 0.5 फीसदी गिरकर 5,342.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए गोल्ड फ्यूचर्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,365.39 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) की मांग में आई हल्की कमी और बाजार में अनिश्चितता ने भी सोने पर दबाव बनाया। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अब भी बने हुए हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में यह धारणा मजबूत हुई है कि हालिया तेजी जरूरत से ज्यादा तेज थी, जिसके बाद करेक्शन आना तय माना जा रहा था।
जनवरी में रिकॉर्ड तेजी, गिरावट के बावजूद ऊंचाई बरकरार
भले ही सोने की कीमतों में ताजा गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन जनवरी 2026 सोने के लिए अब तक का सबसे शानदार महीना साबित हुआ है। इस महीने सोने ने करीब 24 फीसदी की बढ़त दर्ज की है, जो 1980 के दशक के बाद की सबसे मजबूत मासिक तेजी मानी जा रही है। जनवरी के दौरान हाजिर सोने की कीमत में करीब 1,000 डॉलर प्रति औंस का इजाफा हुआ। इसकी बड़ी वजह दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका और अन्य वैश्विक ताकतों के बीच बढ़ती खींचतान और निवेशकों का सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव रहा। दूसरी ओर चांदी ने तो और भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। जनवरी में चांदी की कीमतों में 62 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जिससे यह करीब 4 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गई थी। हालांकि अब इसमें भी तेज गिरावट आई है, लेकिन फिर भी महीने भर का प्रदर्शन बेहद मजबूत माना जा रहा है।
सर्राफा बाजार में भाव, आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का रुख
घरेलू सर्राफा बाजार की बात करें तो फिलहाल 24 कैरेट सोना करीब 1,78,860 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,63,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता आगे भी कीमती धातुओं को सहारा दे सकती है। हालांकि जिस तरह से इस हफ्ते सोने और चांदी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। गुरुवार को जहां सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को इसमें ठंडक देखने को मिली। चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।
