Ajit Pawar Last Rites: महाराष्ट्र की राजनीति के एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे अजित पवार अब पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान परिसर में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक था। हजारों की संख्या में लोग, पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक अपने ‘दादा’ को आखिरी बार देखने पहुंचे। जैसे ही पार्थ और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, पूरे परिसर में ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे गूंज उठे। आंखों में आंसू और दिलों में गहरा सन्नाटा साफ महसूस किया जा सकता था। हर कोई इस बात से स्तब्ध था कि जो नेता कल तक जनसभाओं में लोगों से संवाद कर रहा था, वह आज सिर्फ यादों में सिमट गया है।
राजनीति से लेकर सत्ता तक, हर वर्ग ने दी अंतिम विदाई
अजित पवार के अंतिम संस्कार में देश और राज्य की राजनीति के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। सत्ता और विपक्ष की सीमाएं इस मौके पर टूटती नजर आईं। सभी नेताओं ने एक स्वर में अजित पवार को एक मजबूत प्रशासक, जमीनी नेता और तेज निर्णय लेने वाला राजनेता बताया। अंतिम संस्कार स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भावनाओं का सैलाब हर व्यवस्था से बड़ा नजर आया। कई नेता और कार्यकर्ता मंच से नहीं, बल्कि भीड़ के बीच आम लोगों के साथ खड़े होकर अंतिम विदाई देते दिखे।
हादसे की कहानी: दूसरी लैंडिंग के प्रयास में टूटा सपना
अजित पवार का निधन एक विमान दुर्घटना में हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास रनवे से महज 200 मीटर की दूरी पर उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बताया गया कि 16 साल पुराना ‘लियरजेट’ विमान, जिसे वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी, दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान विमान नियंत्रण खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई। इनमें अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली शामिल थे। सभी के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विमान से बरामद ‘ब्लैक बॉक्स’ का विश्लेषण किया जाएगा। एनसीपी के संस्थापक और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने साफ कहा कि यह एक दुर्घटना है और इसे किसी भी तरह से राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
अधूरा रह गया सीएम बनने का सपना, राजनीति में छोड़ा बड़ा खालीपन
‘दादा’ के नाम से मशहूर 66 वर्षीय अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत स्तंभ माने जाते थे। वह छह बार राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे और अपनी आक्रामक कार्यशैली व प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक चले जाने से न केवल महाराष्ट्र की भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अजित पवार जिला परिषद चुनाव के प्रचार के सिलसिले में मुंबई से बारामती आ रहे थे। उनके साथ परिवार में पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे जय और पार्थ पवार सहित भरा-पूरा परिवार है। कई राजनीतिक मंचों से यह कहा जाता रहा कि अजित पवार एक दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे, लेकिन यह सपना अधूरा ही रह गया। उनके निधन से न सिर्फ राज्य बल्कि देश की राजनीति में भी एक ऐसी कमी महसूस की जा रही है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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